नीमच। लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने रिश्वत लेने के मामले में आरोपित बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर (जेई) से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते जिले के जिला लोक अभियोजन अधिकारी (डीपीओ) को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपित ने प्रकरण में सुचारु सुनवाई करवाने और अभियोजन साक्ष्य जल्द कराने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। कार्रवाई के बाद डीपीओ को लोकायुक्त पुलिस ने विशेष न्यायालय में पेश कि या, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के टीआई बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि बिजली कंपनी, देवास में पदस्थ शिकायतकर्ता राजेंद्र गोलिया पूर्व में नीमच के नयागांव सब स्टेशन पर भी रह चुके हैं। 11 अगस्त 2015 को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने सहायक लाइनमैन लालूराम शर्मा से 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक कु मावत और सहायक वर्ग 3 कै लाश बैरागी को पकड़ा था।

इसमें जेई गोलिया को भी आरोपित बनाया गया था। इसी प्रकरण की अदालत में सुचारु सुनवाई कराने और अभियोजन साक्ष्य जल्द कराने के नाम पर डीपीओ आरआर चौधरी ने जेई से 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदा 20 हजार रुपए में तय हुआ। लोकायुक्त टीम की योजना के तहत बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे रिश्वत की पहली कि स्त 10 हजार रुपए लेते डीपीओ को गिरफ्तार कर लिया गया।