नीमच। जिले के रामपुरा में पहली बार गांधी सागर बांध का पानी घुस गया। इससे नगर में करीब 200 से अधिक मकानों और 250 से अधिक दुकानों में करीब 10 से 15 फीट तक पानी भर गया। नागरिकों की मानें तो रामपुरा में गांधी सागर बांध की रिंग वॉल तक शनिवार रात करीब 8.30 बजे तक पानी भर गया था।

इसके बाद रात करीब 1 बजे नगर में पानी घुसने की शुरुआत हुई। देखते ही देखते नगर के नाका नंबर 2, पुराना बस स्टैंड, नए बस स्टैंड व बोहरा कॉलोनी सहित नीमच-रामपुरा रोड पर करीब 10 से 15 फीट तक पानी भर गया। जिला व पुलिस प्रशासन के अमले ने रेस्क्यू कर लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से बाहर निकाला।

रेस्क्यू कार्य में सीआरपीएफ, पुलिस व होमगार्ड के जवानों की सेवाएं ली गई। नगर के भोई समाज के सदस्यों को नावों के साथ अलर्ट कि या। मुस्लिम समाज के सदस्य भी रेस्क्यू कार्य में सहयोगी बने। रविवार को भी नगर में बाढ़ का पानी भरा रहा। वहीं बाढ़ से करीब 50 करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

नगर के समीप के गांव देवरान, जमालपुरा, बुरावन सहित अन्य गांवों में भी बाढ़ के हालात है। एडीएम विनय कु मार धोका ने बताया कि बाढ़ के हालात जल्द सामान्य होने की संभावना है। नुकसानी की वास्तविक स्थिति बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल रेस्क्यू का कार्य जारी है।

जिले के रामपुरा में चंबल नदी में आई बाढ़ से 200 से ज्यादा घर और दुकानें जलमग्न हो गई। देर रात रेस्क्यू कर बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि पानी में पुराना बस स्टैंड और नया बस स्टैंड, इब्राहिमपुरा, लालबाग शहीद अन्य क्षेत्रों में एक मंजिल पानी भर गया है। यहां सभी इलाकों में 10 से 12 फीट पानी भरा हुआ है।

मनासा में सरपंच प्रतिनिधि की ग्रामीणों ने की पिटाई

शनिवार को मनासा के महागढ़ में बवंडर आने से ग्रामीणों के मकानों को काफी नुकसान हुआ था। उसके बाद मौके पर प्रशासन भी नहीं पहुंचा उसके अलावा सरपंच प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। रविवार सुबह जब सरपंच प्रतिनिधि योवन प्रसाद चौधरी ग्रामीणों के बीच पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर दी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

रामपुरा में रात करीब एक बजे तक सभी घरों में पानी भर गया था, लोग डकर घर की छतों या दूसरी मंजिल पर पहुंच गए थे। इस दौरान धीर-धीरे पानी बढ़ता रहा और लालबाग परिसर तक आ गया। प्रशासन भी अलर्ट हो गया और सभी घरों में पहुंचकर लोगों को बाहर निकाला गया।

बताया जा रहा है कि चंबल नदी के मछुआरों ने लोगों को रेस्क्यू करने में बड़ी मदद की, वे अपनी नावें लेकर आ गए और जगह-जगह पहुंचकर लोगों को बाढ़ से बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि करीब एक हजार लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया है। इस दौरान शहर के सभी लोग एक-दूसरे की मदद करने में लगे हैं।