नीमच। नवपद की आराधना मन को शुद्ध करती है। इससे अंर्तमन में दया, करुणा व वात्सल्य की भावना जागृत होती है। नवपद की आराधना से मनुष्य का आत्म कल्याण भी हो जाता है। यह बात साध्वी गुणरंजना श्रीजी ने कही। वे शुक्रवार को शक्ति नगर स्थित शंखेश्वर पार्श्‌व पद्मावती सभा भवन में धर्मसभा के दौरान बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि दुखों का मूल कारण अज्ञानता है। लाख दुखों की एक दवा नवपद आराधना है। धर्मसभा के दौरान साध्वी ने कई भजनों के माध्यम से ज्ञान के महत्व का प्रतिपादन कि या। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

गुरु इकत्तीसा पाठ में उमड़ी भीड़

साध्वी गुणरंजनाजी के सान्निध्य में शंखेश्वर धाम पर सामुहिक गुरु इकत्तीसा पाठ का आयोजन कि या गया। यह आयोजन आसोज तेरस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को कि या गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु 31-31 लौंग व एक-एक श्रीफल लेकर उत्साह के साथ सहभागी बने।

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णमोकार महामंत्र के जाप आज

नीमच। शरद पूर्णिमा के अवसर पर णमोकार महामंत्र के जाप होंगे। ये जाप 14 अक्टूबर को अखिल विश्व णमोकार प्रेम मंडल नीमच द्वारा जैन कॉलोनी स्थित शंखेश्वर पार्श्वव राजेंद्र सूरी जैन मंदिर पर होंगे। मंडल प्रवक्ता कमलेश कटारिया ने बताया कि जाप के लाभार्थी नारायणगढ़ के अनिल कु मार व प्रतीक कु मार हैं।