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- रामपुरा के समीप अब भी गांधी सागर बांध में उलीचा जा रहा है बाढ़ का पानी-

- नगर के नागरिक और व्यापारी नुकसानी से निपटने को तैयार, फिर भी मन में हताशा

रामपुरा/नीमच। नईदुनिया प्रतिनिधि

रामपुरा में बाढ़ के हालात बने करीब एक माह हो चुका है। इसके बाद भी नगर में स्थितियां पूर्व की तरह सामान्य करने की जद्दोजहद जारी है। एक ओर जिला प्रशासन जनपद पंचायत मनासा और नगर परिषद रामपुरा की मदद से हालात को सामान्य बनाने में जुटा है, वहीं नागरिक और व्यापारी भी इससे जूझ रहे हैं। वे नुकसानी के दौर से निपटने की कोशिश में जुटे हैं। इसके बावजूद मन में हताशा और निराशा का भाव है।

जिला मुख्यालय से 60 कि लोमीटर दूर रामपुरा कस्बे में एक माह पूर्व 14 सितंबर की रात को बाढ़ के हालात बने थे। लाखों-करोड़ों रुपए के नुकसान के बाद यहां के नागरिक और व्यापारी पूर्व की तरह जिंदगी को सामान्य तरीके से जीने की कोशिश कर रहे हैं। गांधी सागर बांध की बाढ़ का पानी रहवासी क्षेत्रों से पूरी तरह उतर चुका है। उसे गांधी सागर बांध में छोड़ा जा चुका है लेकि न इसके बाद भी बाढ़ और बर्बादी से बने निशान नगर के डूब प्रभावित क्षेत्रों में दिखाई देते हैं। 14 अक्टूबर को बाढ़ के हालात बने एक माह पूरा हो जाएगा लेकि न रामपुरा कस्बे में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। अब भी लोगों के चेहरों पर बाढ़ से हुए नुकसान का दर्द दिखाई देता है। भविष्य में इस तरह के हालात नहीं बने, इस बात की चिंता भी नजर आती है। आम नागरिक हो या व्यापारी दोनों वर्गों में नुकसान के हालात से उबरने की जद्दोजहद नजर आती है। हालांकि इन परिस्थितियों से निपटने और उबरने में काफी समय लगेगा।

व्यापारी वर्ग असंतुष्ट

नगर में मकानों को हुए नुकसान के बाद जिला प्रशासन ने प्रभावितों को पर्याप्त राहत दे दी। प्रत्येक परिवार को मकान के लिए 1 लाख 100 रुपए की राशि जारी की गई लेकि न व्यापारियों को हुए लाखों-करोड़ों रुपए के नुकसान की भरपाई अब तक नहीं हो सकी है। इससे व्यापारी वर्ग में नाराजगी का माहौल है। नगर के व्यापारी विष्णु मजावदिया व अन्य की माने तो बाढ़ और बारिश से हमें लाखों रुपए का नुकसान हुआ लेकि न नुकसान की भरपाई के नाम पर जिला प्रशासन ने महज 12 हजार रुपए की राहत राशि दी। इससे कु छ भी मदद नहीं मिली।

डूब से बाहर आया पंप हाउस, मरम्मत के बाद पंप चालू

पूर्व में आई बाढ़ में नीमच-झालावाड़ रोड पूरी तरह बंद हो गया था। करीब 8 से 10 दिन बाद रोड से करीब 10 से 15 फीट तक भरा पानी हट सका था। वहीं बाढ़ के हालात से रिंग वॉल के समीप बना पंप हाउस भी डूब गया था। इसमें लगे दो पंपों और पाइप लाइन को भी क्षति पहुंची थी, लेकि न बाढ़ का पानी उतरने के बाद पंप हाउस और पंपों की मरम्मत कर दी गई। एक पंप को चालू कर दिया गया।

चार पंपों की मदद से अब भी पानी उलीचने का काम जारी

नगर के रहवासी क्षेत्र से बाढ़ का पानी उतर चुका है लेकि न गांधी सागर बांध की रिंग वॉल के कि नारे और अन्य हिस्सों में अब भी पानी भरा है। इस पानी को उलीचने का काम अब भी जारी है। इस काम में सिंचाई विभाग ने 4 पंप लगा रखे हैं। इन पंपों की मदद से 24 घंटे पानी को गांधी सागर बांध में छोड़ने का काम कि या जा रहा है।

क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत, पूरे की मरम्मत का प्रस्ताव

14 सितंबर की रात आई बाढ़ से गांधी सागर बांध की करीब 300 फीट लंबी रिंग वॉल क्षतिग्रस्त हुई थी। सिंचाई विभाग के अमले ने इसकी मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। लेकि न नगर में करीब ढाई कि लोमीटर लंबी रिंग वॉल की मरम्मत का काम फिलहाल नहीं हो सका है। सिंचाई विभाग ने इसके लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव व राशि स्वीकृत होने के बाद ही इस कार्य की शुरुआत होगी।

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अब स्थिति सामान्य

गांधी सागर बांध में 4 पंपों की मदद से रिंग वॉल के कि नारों और अन्य हिस्सों में भरा पानी छोड़ा जा रहा है। नगर से पानी पूर्व में ही पूरी तरह खाली हो चुका है। समूची रिंग वॉल की मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग के मुख्यालय और राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।- जीएस डावर, ईई सिंचाई विभाग नीमच

फोटो-

12एनएमएच-27, रामपुरा में गांधी सागर बांध की रिंग वॉल की मरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

12एनएमएच-28, रामपुरा नगर की ओर से अब भी बाढ़ के पानी को गांधी सागर बांध में छोड़ा जा रहा है।

12एनएमएच-29, रामपुरा में बाढ़ में पूर्व में डूबे पंप हाउस की मरम्मत के बाद इसे चालू कर दिया गया।

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