फॉलोअप : 'नईदुनिया' के पर्दाफाश के बाद जागा प्रशासन, जांच प्रतिवेदन के आधार पर तय होगी जिम्मेदारी---फ्लेग

मनासा (नईदुनिया न्यूज)। बाढ़ आपदा के बाद मुआवजा वितरण रामपुरा नगर में मजाक बनकर रह गया। जिला प्रशासन और उसके अमले की लापरवाही से कई अपात्र लोगों को मुआवजा मिला, लेकि न कई पात्र लोग अब भी मुआवजे से वंचित हैं। मामले के 'नईदुनिया' में पर्दाफाश के बाद जिला प्रशासन जांच करा रहा है। एसडीएम की मॉनीटरिंग में जांच की जा रही है। उधर मनासा विधायक ने मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही है।

रामपुरा क्षेत्र में 14 सितंबर 2019 की रात बाढ़ के हालात बने थे। गांधीसागर बांध की रिंग वॉल के क्षतिग्रस्त होने से चंबल नदी और गांधीसागर बांध का पानी रामपुरा में घुस गया था। बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा राशि प्रदान की गई, लेकि न समय के साथ इसमें भी गड़बड़ी सामने आने लगी है। मुआवजा वितरण में हुई धांधली की शिकायत जिला प्रशासन और राज्य सरकार तक पहुंची है। इसमें मनासा एसडीएम शोभाराम सोलंकी ने जांच बैठाई है। अब तक की स्थिति सामने आई कि नगर में अपात्रों को मुआवजा मिल गया, लेकि न पात्र लोग अब भी वंचित हैं। इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू मामले को विधानसभा में उठाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं मुआवजा राशि से वंचित लोग इस मामले में हाईकोर्ट इंदौर की शरण लेने की तैयारी कर चुके हैं। वहीं बाढ़ की आपदा का सामना कर चुके व्यापारियों में भी अधिकारियों और जिम्मेदार राजनेताओं के प्रति नाराजगी का माहौल है। नगर के बागवान मोहल्ले के रामलाल बागवान, प्रकाशचंद्र बागवान के मकान अब भी टूटे हुए और क्षतिग्रस्त हैं, वहीं शांतिबाई हुकमीचंद बागवान को भी मुआवजा की आस है। उनका मकान भी क्षतिग्रस्त और बदहाल स्थिति में हैं।

व्यापारियों की मांग अब तक अनसुनी

रामपुरा के बाढ़ पीड़ित व प्रभावित व्यापारियों की मांग अब तक अनसुनी है। नगर में बाढ़ के कारण बस स्टैंड और अन्य प्रमुख बाजार में व्यापारियों को नुकसान हुआ। दुकानों और गोदामों में रखा लाखों रुपए माल बेकार हो गया। इसके बाद नगर के करीब 140 व्यापारियों ने राज्य सरकार से राहत और मुआवजे के लिए गुहार लगाई, लेकि न नियमों का हवाला देकर मात्र 35 व्यापारियों को 12-12 हजार रुपए की राहत राशि प्रदान की गई। यह राहत भी फोरी और नाकाफी साबित हुई।

भोई समाज मदद से वंचित

बाढ़ की आपदा से जूझने में नगर के भोई समाज ने काफी मदद की। राहत और बचाव कार्य में भोई समाज के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। उनकी सक्रियता के कारण ही नगर में जनहानि जैसी कोई घटना नहीं हुई। बाजवूद भोई समाज के लोगों के आवेदनों पर कोई विचार नहीं कि या गया। बाढ़ पीड़ित होने के बावजूद उन्हें राहत प्रदान नहीं की गई।

रामपुरा और मनासा क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों का मामला विधानसभा में उठाऊंगा। यदि कि सी ने गलत तरीके से मुआवजा प्राप्त कि या तो संबंधित के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई होना चाहिए। ऐसा होने के कारण ही कई पात्र लोग मुआवजे से वंचित हो गए। इस माामले में जांच के बाद कार्रवाई होना चाहिए। गलत तरीके से मुआवजा लेने व देने वालों की जिम्मेदारी की जाना चाहिए।

- अनिरुद्ध माधव मारू, विधायक मनासा

Posted By: Nai Dunia News Network

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