नीमच। एक गांव की सड़क पर मगरमच्छ घूम रहा था। उसे देखकर कु त्ते भौंक रहे थे। कु त्तों की आवाज सुनकर ग्रामीण बाहर आए और उन्होंने रस्सी की मदद से पहले मगरमच्छ को काबू किया और इसके बाद उसे बिजली के खंभे से बांध दिया। देर रात ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वन अमले ने मगरमच्छ का रेस्क्यू कि या और पिंजरे में बंदकर उसे सुरक्षति स्थान पर छुड़वाया।

यह घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात की है। शहर से करीब 2 कि लोमीटर दूर जयसिंहपुरा गांव में देर रात कु त्तों की आवाज सुनकर ग्रामीण सकते में आ गए। उन्होंने घरों से बाहर की और झांका तो गांव की सड़क पर करीब 7 फीट से अधिक लंबा विशालकाय मगरमच्छ घूम रहा था। यह देख ग्रामीणों और युवाओं ने रस्सी और लाठी की मदद से पहले मगरमच्छ को काबू कि या।

बाद में उसे काबू कर गणेश मंदिर के समीप एक बिजली के खंभे से बांध दिया। काफी देर तक मगरमच्छ ऐसे ही बंधा रहा। बाद में ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग का अमला और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को पिंजरे में कै द कि या। इसके बाद मगरमच्छ को सुरक्षति स्थान पर छुड़वाया गया। स्वास्थ्य जांच में मगरमच्छ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।

नाले से गांव में आया मगरमच्छ

ग्रामीणों और वन विभाग के एसडीओ बीपी शर्मा की माने तो जयसिंहपुरा गांव के समीप से एक नाला बहता है। संभवत: इस नाले से निकलकर मगरमच्छ गांव की रहवासी क्षेत्र तक आ गया।

वन विभाग की रेस्क्यू टीम में यह रहे

वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने गांव में पहुंचकर मगरमच्छ को पकड़ा और रेस्क्यू कर सुरक्षति स्थान पर छोड़ा। इस रेस्क्यू टीम में डिप्टी रेंजर श्यामलाल शर्मा, वन रक्षक रमेश प्रजापति, राजेंद्र सिंह चौहान, रामलाल सहित अन्य शामिल थे। वहीं ग्रामीण राजकु मार बैरागी, अशोक दास बैरागी सहित अन्य लेागों का भरपूर सहयोग मिला।

मगरमच्छ का रेस्क्यू किया

'शहर के नजदीक जयसिंहपुरा गांव में एक मगरमच्छ के संबंध में ग्रामीणों से सूचना मिली थी। इस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू कि या और उसे सुरक्षति स्थान पर छोड़ा गया।- बासु कनौजिया, डीएफओ नीमच