धर्मसभा में साध्वी प्रमुखा कनक प्रभा ने कहा

नीमच (नईदुनिया प्रतिनिधि)। संसार की सभी साधना का लक्ष्य परम शांति होता है। तीर्थंकर बुध का आधार शांति है। सभी प्राणी सुख-शांति को चाहते हैं। बुध का बुद्ध तो तभी है जब शांति है। साधना का लक्ष्य भी शांति होता है। जिस व्यक्ति को अपनी पहचान हो गई हो, वह दुनिया में सबसे शांतिप्रिय व्यक्ति होता है।

यह बात साध्वी कनक प्रभा श्रीजी ने कही। वे श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में सद्भावना नैतिकता नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित अहिंसा यात्रा की धर्म सभा में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति परिस्थिति में बहता नहीं है। अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थिति में भी स्थिर रहता है। सुख-दुख में व्यक्ति अपने ऊपर रखता है। वह शांत और सुखी होता है। वैसे तो संसार में हर व्यक्ति दुखी है संसार के पदार्थों की कोई सीमा नहीं है। इच्छा आकाश के समान अनंत होती है व्यक्ति को तृप्ति कहीं भी नहीं मिलती है इसलिए जीवन में एकररूपता नहीं है। हमें जीवन में सुखी रहना है तो हमारी इच्छाओं को सीमित करना होगा।

साध्वी विशालयशा श्रीजी ने संघी साथी संसार में कौन साथ आवेगा गीत आराध्य के चरणों में वंदना कर प्रस्तुत किया। धर्म सभा के प्रारंभ में साध्वी सुमंगल प्रभा श्रीजी ने कहा कि सुधार बिना शुद्ध विचार नहीं आते हैं और शुद्ध विचार बिना मन स्वस्थ नहीं रहता है सात्विक आहार से ही आत्मा का कल्याण होता है।

फोटो-

24एनसीएच-01- नीमच के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में साध्वी प्रमुखा कनक प्रभा ने धर्मसभा को संबोधित किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags