नीमच। जिले में एक आदिवासी वृद्ध की मौत के बाद कांधे-कांधे तक पानी से अंतिम यात्रा निकालने की घटना हुई है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके साथ ही विकास के दावे पर कटाक्ष किए गए। इस घटनाक्रम के सोशल मीडिया और मीडिया के सामने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। ग्राम पंचायत से परेशानी और समस्या के मूल कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।

यह घटनाक्रम बुधवार सुबह शहर के समीप ग्राम पंचायत गिरदौड़ा के ग्राम पिपल्या हाड़ा में घटित हुआ। पिपल्या हाड़ा के भगवानलाल भील का मंगलवार शाम निधन हो गया था। वह काफी समय से बीमार था।

गांव से बुधवार सुबह मुक्तिधाम के लिए अंतिम यात्रा शुरु हुई तो मुक्तिधाम के रास्ते पर बोरखेड़ी के बरसाती नाले का पानी भरा हुआ था। भील समाज के मुक्तिधाम में ही अंतिम संस्कार करने की इच्छा के चलते परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने करीब बरसाती नाले के करीब 3 से लेकर 5 फीट पानी को पैदल चलकर पार कि या।

इस दौरान युवाओं के कांधों पर भगवानलाल की अर्थी भी रही। पानी को पार कर मुक्तिधाम पहुंचे परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कि या। लेकि न घटना से ग्राम पंचायत में विकास के पोल खुल गई। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच और अन्य जिम्मेदारों ने भी बारिश के दिनों में मुक्तिधाम के रास्ते में बरसाती नाले के बाधक बनने की बात कबूली है।

ग्राम पंचायत का पक्ष

पूर्व में स्थान परिवर्तन के लिए समझाइश दी

पिपल्या हाड़ा में भील समाज का मुक्तिधाम बरसाती नाले के पार है। उन्हें बारिश की परेशानी को देखते हुए पूर्व में नाले के इस बार मुक्तिधाम बनाने की समझाइश दी। इसके लिए करीब 6 हेक्टेयर सरकारी जमीन भी मुहैया कराने का भरोसा दिया। जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत के स्तर पर मदद करने की बात कही। लेकि न वे मुक्तिधाम का स्थान बदलने को तैयार नहीं है। पुराने मुक्तिधाम से उनकी आस्था जुड़ी है।

- सतीश यादव, सरपंच ग्राम पंचायत गिरदौड़ा

इनका कहना है

मैं पता करती हूं-

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को मेरा भ्रमण रहा। लेकि न कि सी ने भी इस तरह की घटना की जानकारी नहीं दी। यदि ग्राम पंचायत गिरदौड़ा के पानी के बीच से शव यात्रा निकालने की घटना हुई तो मैं सरपंच और सचिव से इस संबंध में जानकारी लूंगी। समस्या का जो भी उचित निराकरण होगा। वह कि या जाएगा।

- भव्या मित्तल, सीईओ जिला पंचायत नीमच