नीमच(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सांसारिक मोह और भौतिक सुखों के त्याग बिना आत्मा का कल्याण नहीं हो सकता है। आत्मा का पुरुषार्थ मुक्ति दिलाता है ।मोहिनी कर्म तो़ड़े बिना अनंत जीव से मुक्ति नहीं मिलती है ।सधाा तप आत्मा से होता है शरीर से नहीं। आत्मज्ञान से आत्मा का रमण होता है तब तप की निर्झरा होती है और तब मोक्ष मिलता है । यह बात प्रज्ञा महर्षि ज्ञाननिधि पं उदय मुनि महाराज ने कही। वे वर्धमान जैन स्थानक भवन में शुक्रवार सुबह धर्म सभा में बोल रहे थे ।उन्होंने कहा कि पांच इंद्रियों के भोग पाप होते हैं। वर्तमान काल में मोक्ष का मार्ग विलुप्त हो रहा है ।श्रावक श्राविका अपनी बात का चिंतन नहीं करते हैं साधु साध्वी की चिंता करते हैं चिंतन का विषय है। प्रत्येक तीर्थ वासी को चिंतन करना चाहिए कि आत्मा की उन्नति कैसे हो होगी इस पर किसी का ध्यान नहीं है। आत्मा की उन्नति हो रही है उन्नति नहीं मनुष्य व्यापार सुख साधन बंगले कोटि हवाई जहाज में उ़ड़ रहा है यह उन्नति भौतिक उन्नति है। आत्मा की उन्नति नहीं है। आत्मा की उन्नति नहीं हो सकती है। लोगों का लक्ष्य धन वृद्घि के लिए है तो मोक्ष कैसे हो सकता है। ज्ञान शील पर ध्यान नहीं है ऐसा सदाचार का पालन करें तभी मोक्ष हो सकता है ।तप बिना मुक्ति का मार्ग नहीं मिलता है। लोग आनंद के साथ साधना कर रहे हैं तो मोक्ष कैसे जा सकते हैं चिंतन का विषय है ।लोग धन वैभव पांच इंद्रियों के साधन मिलने पर सुखी होते हैं जबकि यह सधाा सुख नहीं होता है। राग द्वेष मोह के बीच रहते हुए भी राग द्वेष मोह के रहित रह सकते हैं। परिवार धन वैभव से सुख मिलता है पर यह मिथ्या मान्यता है। ज्ञानावरणी कर्म का क्षय होता है तभी केवल ज्ञान होता है ।संसार के 18 प्रकार के पाप दुर्गति में ले जाते हैं ।पाप की गाथा नर्क है ।संसार नहीं पुण्य की अधिकता गति से मुक्ति मिलती है ।महावीर के अनुसार गति से साधना की ओर मुक्त हुए दुखों के त्याग, मृत्यु दुख है, बु़ढ़ापा दुख है, महावीर ने जन्म मरण से मुक्ति का मार्ग तपस्या बताया है, यदि सुख में मजा आता है तो पाप ब़ढ़ता है सुख साधन को छो़ड़ संयम जीवन अपनाना चाहिए राज्य वैभव के भोग का त्याग करेंगे तो ही मोक्ष मिलेगा। कर्म बंधन बनते हैं और दुख ब़ढ़ते हैं मोह को छो़ड़े तभी आनंद मिलेगा ।धन वैभव के लिए पाप किए हैं वह साथ जाएंगे धनलक्ष्मी यही रह जाएगी। मोह के त्याग बिना अपना कल्याण नहीं हो सकता है।

उदय मुनि महाराज के विशेष प्रवचन आज

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ रजिस्टर्ड ट्रस्ट जैन कॉलोनी के तत्वावधान में वीरपार रोड स्थित जैन स्थानक भवन में आज सुबह 9ः15 से 10ः15 बजे तक प्रज्ञा महर्षि ज्ञान निधि पंडित जी महाराज के विशेष प्रवचन सभी धर्म प्रेमी बंधु समय पर उपस्थित होकर धर्म ज्ञान का पुण्य लाभ अर्जित करें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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