कमलेश जैन, सरवानिया महाराज (नीमच)। नईदुनिया। Valentine Day Special बेटे की जान पर बन गई। वह जिंदगी और मौत से संघर्ष करने लगा तो मां के स्नेह और प्रेम ने उसकी प्राण रक्षा की। मां ने कि डनी देकर बेटे को नया जीवन दिया। आर्थिक तंगहाली बाधा बनी तो समाज के सदस्य और अन्य लोग मददगार बनकर उभरे। उनके सहयोग से कि डनी ट्रांसप्लांट संभव हो सका। अब करीब दो साल से मां-बेटे और समूचा परिवार खुशहाल जीवन जी रहा है।

यह मामला जिला मुख्यालय से करीब 21 कि मी दूर सरवानिया महाराज नगर में वर्ष 2017 में सामने आया। गोपाल पिता अंबालाल माली का साल 2017 की शुरुआत में अचानकर खानपान कम हो गया। शरीर पर सूजन आने लगी। वह एक होटल पर काम करता था।

परिवार ने इलाज और जांच कराई तो गोपाल में गंभीर बीमारी के लक्षण सामने आए। जांच में पता चला कि गोपाल की दोनों किडनियां फेल हो गई है। बेटे को जिंदगी और मौत से संघर्ष करते देख मां कला बाई ने जीवन रक्षा के किडनी दान किया। इसके बाद इंदौर के निजी अस्पताल में 21 दिसंबर 2017 को किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है।

जन-जन मददगार, साथ भी

किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में जन-जन मददगार बना। मुश्किल समय में साथ खड़े रहे। गोपाल के इलाज के लिए परिवार के पास रुपयों का इंतजाम नहीं था। आर्थिक तंगहाली के बीच सुरेशचंद्र जाट, कमलेश कुमार जैन सहित अन्य आगे आए। विधायक निधि और मुख्यमंत्री कोष से लगभग 2 लाख की मदद दिलवाई। सबकी मदद से गोपाल का किडनी ट्रांसप्लांट हो सका।

मुझे मेरी मां ने दो बार जन्म दिया

'मुझे मेरी मां ने दो बार जन्म दिया है। आज मैं सुरक्षित भी मां के आशीर्वाद से हूं।

- गोपाल माली, सरवानिया महाराज

गोपाल को तकलीफ में नहीं देख सकती हूं

'गोपाल मेरा बेटा है, उसे मैं जीवन में कभी भी तकलीफ में नहीं देख सकती हूं। बीमारी को देखते हुए मैंने उसे अपनी कि डनी दी। मैं कि डनी तो क्या उसके लिए जान भी दे सकती हूं। एक मां के लिए संतान सब कुछ होती है। मुश्किल दौर में पूरा परिवार एक साथ है और आगे भी रहेगा।

- कला बाई, मां

Posted By: Hemant Upadhyay

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