पन्ना (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बाघ पुनर्स्थापना के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्तमान में यहां के बाघों के कुनबे में शावकों को मिलाकर साठ से अधिक संख्या है। इसी बीच नए वर्ष के दूसरे सप्ताह में एक और नई खुशखबरी पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने देते हुए बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व में जन्मी व पली, बढ़ी बाघिन पी-213 (32) बाघिन का यह दूसरा लिटर है, इसने परिक्षेत्र गहरीघाट में चार शावकों को दो से तीन माह पूर्व जन्म दिया।

एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करते हुए कैमरा ट्रैप में आए

बाघिन द्वारा शावकों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करते हुए कैमरा ट्रैप में आए हैं। बाघिन व शावकों की नियमित रूप से मानीटरिंग की जा रही है। हाल ही में मानीटरिंग दल को चारों शावकों व बाघिन दिखाई दी है। अब यह शावक अपनी मां के साथ भ्रमण करने लगे हैं। बाघिन व चारों शावक स्वस्थ हैं।

पन्ना देश का एक प्रमुख बाघ अभयारण्य

उल्‍लेखनीय है क‍ि पन्ना देश का एक प्रमुख बाघ अभयारण्य है। यह रिजर्व मध्‍य प्रदेश के विंध्य रेंज में स्थित है और यह मध्‍य प्रदेश राज्य के उत्तर में पन्ना और छतरपुर जिलों में फैला हुआ है।

जानकारी के अनुसार पन्ना राष्ट्रीय उद्यान 1981 में तैयार क‍िया गया था। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान को1994 में केंद्रसरकार द्वारा एक परियोजना टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। राष्ट्रीय उद्यान में 1975 में बनाए गए पूर्व गंगऊ वन्यजीव अभयारण्य के क्षेत्र शामिल हैं।उल्‍लेखनीय है क‍ि इस अभयारण्य में वर्तमान उत्तर और दक्षिण के क्षेत्रीय वन शामिल हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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