पन्ना, नईदुनिया प्रतिनिधि। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के पन्ना शहर में लगभग 400 साल से अनूठी परंपरा चली आ रही है। यहां अंतर्ध्यान हो चुके प्रियतम प्राणनाथ को उनके प्रेमी सुन्दरसाथ भाव विभोर होकर नदी, नालों, पहाड़ों तथा घने जंगल में हर कहीं खोजते हैं। प्राचीन भव्य मंदिरों के इस शहर में समूचे विश्व के प्रणामी धर्मावलम्बियों की आस्था का केंद्र श्री प्राणनाथ जी का मंदिर स्थित है, जो प्रणामी धर्म के लिए विशेष तीर्थ स्थल माना जाता है। इसी प्रणामी संप्रदाय के अनुयायी और श्रद्धालु शरद पूर्णिमा के ठीक एक माह बाद कार्तिक पूर्णिमा को देश के कोने कोने से यहां पहुंचते हैं। यहां किलकिला नदी के किनारे व पहाड़ियों के बीचों बीच बसे समूचे पन्ना नगर के चारों तरफ परिक्रमा लगाकर भगवान श्री कृष्ण के उस स्वरूप को खोजते हैं, जो कि शरद पूर्णिमा की रासलीला में उन्होंने देखा और अनुभव किया है। सदियों से चली आ रही इस परम्परा को प्रणामी धर्मावलम्बी पृथ्वी परिक्रमा कहते हैं।

कण-कण प्रेम और आनंद से सराबोर हो उठेगा : मंदिरों की नगरी पन्ना में शुक्रवार को पूरे दिन पृथ्वी परिक्रमा की धूम रहेगी। कोरोना संकट के बावजूद देश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति भाव और उत्साह के साथ पृथ्वी परिक्रमा में भाग लेने पन्ना पहुंच चुके। सैकड़ों फीट गहरे कौआ सेहा से लेकर किलकिला नदी के प्रवाह क्षेत्र व चौपड़ा मंदिर हर कहीं प्राणनाथ प्यारे के जयकारे लगते सुनाई देंगे। रोमांचित कर देने वाले आस्था व श्रद्धा के इस सैलाब से पवित्र नगरी पन्ना का कण-कण प्रेम और आनंद से सराबोर हो उठेगा। मालूम हो कि प्रकृति के निकट रहने तथा विश्व कल्याण व साम्प्रदायिक सद्भाव की सीख देने वाली इस अनूठी परम्परा को प्रणामी संप्रदाय के प्रणेता महामति श्री प्राणनाथ जी ने आज से लगभग 400 साल पहले शुरू किया था, जो आज भी अनवरत जारी है। इस परम्परा का अनुकरण करने वालों का मानना है कि पृथ्वी परिक्रमा से उनको सुखद अनुभूति तथा शान्ति मिलती है।

सुबह से रात तक निकलती है यात्रा : महामति श्री प्राणनाथ जी मंदिर पन्ना के पुजारी देवकरण त्रिपाठी ने बताया कि पवित्र नगरी पन्ना में आज हजारों की संख्या में देश के कोने-कोने से आए सुंदरसाथ व स्थानीय जनों द्वारा पृथ्वी परिक्रमा में शामिल होकर धर्मलाभ लेते हैं। उन्होंने बताया कि कार्तिक शुक्ल की पूर्णमासी पर सुबह 6 बजे से चारों मंदिरों की परिक्रमा के साथ पृथ्वी परिक्रमा का शुभारम्भ हुआ। सर्वप्रथम आए हुए श्रद्धालुओं ने पन्ना नगर में स्थित श्री प्राणनाथ जी मंदिर, गुम्मट जी मंदिर, श्री बंगला जी मंदिर, सद्गुरू धनी देवचन्द्र जी मंदिर, बाईजूराज राधिका मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ सिर नवाया तदुपरांत धूमधाम के साथ यात्रा शुरू की जाती है जो रात 10:00 बजे तक चलती है।

Posted By: Brajesh Shukla

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