रायसेन (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मुख्यालय सहित अनेक नगरीय क्षेत्रों व कस्बों में आबादी के बीच ईंट भट्टा संचालित हैं। धुंआ व राख से रहवासी क्षेत्र के लोगों को परेशानी तो होती है आसपास पर्यावरण प्रदूषण भी हो रहा है। मिट्टी के अत्याधिक खनन से उर्बरा शक्ति नष्ट होने के साथ ही भूस्खलन की आशंका रहती है। जिला मुख्यालय से 16 किमी भोपाल मार्ग पर स्थित कस्बा खरबई में मंदिर के पीछे आबादी के बीच ईंट भट्टा लंबे समय से संचालित है। रहवासियों ने कई बार प्रशासन को समस्या से अवगत कराया है। अधिकारियों की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं हो रही है।

स्कूल के बाजू में है ईंट भट्टा

खरबई में राष्ट्रीय राजमार्ग-146 से महज 20 फीट दूर शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल है। स्कूल के पीछे ही ग्राम के बीचोंबीच ईंट भट्टा संचालित किया जा रहा है। कस्बा की आबादी करीब तीन हजार है। नियमानुसार रहवासी क्षेत्र में ईंट भट्टा संचालित करना प्रतिबंधित होता है। इस भट्टे को संचालित करने की कोई भी उचित और वैध अनुमति नहीं है। जो शासन द्वारा ईंट भट्टे के लिए दी जाती है। क्योंकि ग्राम के अंदर भट्टा संचालित करना अवैध ही नहीं अनुचित भी है। भट्टे से निकलने वाले दूषित धुंए से ग्रामीणों को बहुत दिक्कत होने लगी है। भीषण गर्मी में भट्टा से इतनी गर्म हवा निकलती है कि ग्रामीणों का रहना दुश्वार हो गया है। भट्टे की सूचना तहसीलदार को भी दे दी गई है, लेकिन भट्टा संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भट्टा संचालक बोलता है मेरे पास सब अनुमति है मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता।

तहसीलदार ने खनिज विभाग को लिखा

रहवासी मुकेश शर्मा ने 4 मई को तहसीलदार अजय प्रताप सिंह को लिखित आवेदन देते हुए ईंट भट्टा पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। तहसीलदार सिंह ने आवेदन में अपनी टिप्पणी लिखकर उचित कार्रवाई के लिए खनिज निरीक्षक को अग्रेसित कर दिया था। उसी दिन यह आवेदन खनिज विभाग की आवक-जावक शाखा में दिया गया था। जिसकी पावती भी आवेदक के पास है। लेकिन बीस दिन बीत जाने के बाद भी न तो खनिज निरीक्षण ने ईंट भट्टा संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई की है और न ही राजस्व विभाग ने कोई कदम उठाए। जबकि यह भट्टा राजस्व विभाग की भूमि में संचालित है।

जिले भर में सौ से अधिक अवैध ईंट भट्टा संचालित

जिले भर में सौ से अधिक अवैध ईंट भट्टा संचालित हो रहे हैं। जिले के दीवानगंज, सलामतपुर, सांची, सदालतपुर, खरबई, नरवर, नकतरा, गढ़ी, गैरतगंज, सुल्तानपुर, बेगमगंज, बाड़ी, बरेली, उदयपुरा, देवरी, गौहरगंज, औबेदुल्लागंज, मंडीदीप, चिकलोद इत्यादि क्षेत्र में अवैध ईंट भट्टों के अलावा मिट्टी का भी अत्याधिक खनन हो रहा है। बिनेका क्षेत्र में अवैध क्रेशर संचालित हैं।

वन भूमि में हो रहा मिट्टी का खनन

चिकलोद के पास वन भूमि में धड़ल्ले से मिट्टी, मुरम, कोपरा बोल्डरों का अवैध उत्खनन हो रहा है। मुरम भसुआ कोपरा बोल्डरों का अवैध खनन और परिवहन दिनरात धड़ल्ले से चल रहा है। यह सब अवैध खनन और परिवहन चिकलोद के वन महकमे के अधिकारी और खनिज माफ़ियाओं की मिलीभगत से हो रहा है। इस तरह दिन रात जंगलों में हो रही मुरम भसुआ कोपरा की खुदाई से जल, जंगल, पहाड़ और टीले बर्बाद होकर तेजी से सिमट रहे हैं।

मुझे भी चिकलोद वनरेंज क्षेत्र की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। खनिज माफियाओं के डंपरों मशीनों की जब्ती धरपकड़ अभियान चलाकर की जाएगी।

- विजय कुमार सिंह, डीएफओ औबेदुल्लागंज।

हमने तहसीलदार को कार्रवाई करने के लिए कहा है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार करके ईंट भट्टा रहवासी क्षेत्र से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

- एलके खरे, एसडीएम रायसेन

Posted By: Nai Dunia News Network

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