रायसेन। रायसेन जिला मुख्यालय स्थित महिला उप जेल में महिला कैदी ने रविवार सुबह 8:30 बजे स्नानागार में अपनी साड़ी से फांसी लगाकर जान दे दी है। एसडीओपी अदिति भावसार ने बताया कि बैरग में विचाराधीन कैदी बेनीबाई उम्र 35 अकेली थी। सुबह वह जब नहाने के लिए स्नानागार गई तो वहां अपनी साड़ी का फंदा बनाकर खिड़की से लटक गई। जेल के सुरक्षाकर्मी उसे शासकीय अस्पताल ले गए जहां उसका पोस्ट मार्टम कराया गया है। कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने इस मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए हैं। बेनीबाई और उसके पति रोहित अहिरवार उम्र 40 वर्ष को स्वयं की लूट की झूठी कहानी बनाने पर आरोपित बनाया गया था।

19 फरवरी की रात करीब 9 बजे बेगमगंज थाना क्षेत्र के देवलापुर गांव के पास लूट की घटना और हत्या के प्रयास के मामला पुलिस ने दर्ज किया था। आरोपित रोज रोहित अहिरवार निवासी बिलैया थाना खुरई (सागर) अपनी पत्नी फरियादी बेनी बाई को लेकर 19 फरवरी की रात को सिविल अस्पताल पहुंचा। बेनीबाई के पेट में गोली लगी हुई थी। उन्होंने पुलिस को उनके साथ लूट होने की कहानी बताई थी। घायल बेनीबाई को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रायसेन और वहां से हमीदिया अस्पताल भोपाल भेजा गया था। मामले की गंभीरता को लेते हुए पुलिस अधीक्षक मोनिका शुक्ला ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृत मीणा को मौके पर भेजा।

एसडीओपी सुनील वरकरे, थाना निरीक्षक इंद्राज सिंह एवं सब इंस्पेक्टर गिरीश दुबे ने घटना के संबंध में प्रत्येक पहलू पर बारीकी से अनुसंधान किया। अनुसंधान में आए साक्ष्य के आधार पर यह पाया गया कि 19 फरवरी को ही गुलटे बहरोलिया निवासी चांदामऊ के पिता का निधन हो गया था। जिसके दाह संस्कार में वह स्वयं तथा परिवार के अन्य सदस्य अनिरुद्ध, हुकुम इत्यादि शामिल हुए थे। रोहित अहिरवार एवं फरियादी बेनीबाई ने अपने पुराने परिचित साथियों की मदद से एक लाख रुपये पाने के लालच में स्वयं उपरोक्त घटना को अंजाम दिया था।

रोहित अहिरवार पूर्व में हत्या के अपराध में जेल जा चुका है। वहां उसका परिचय संजय बहरोलिया निवासी चांदामऊ थाना नरयावली (सागर) से हुआ था। जो अपने ही गांव की एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामले में जेल में निरुद्ध था। दोनों ने जेल से छूटने के बाद षड्यंत्र रचा। चांदामऊ के अनुरुध तथा गुलटे उपरोक्त मामले के साक्षी थे। संजय बहरोलिया उपरोक्त तीनों से बदला लेने के लिए उनको जेल भेजना चाहता था। संजय बहरोलिया ने रोहित अहिरवार को एक लाख रुपए देने का आश्वासन दिया था। जिसके लालच में रोहित अहिरवार ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर लूट एवं हत्या के प्रयास की काल्पनिक कहानी बनाई जिसमें उनका साथ हीरा गौड़ निवासी लालबाग थाना राहतगढ़ (सागर) ने दिया। उपरोक्त बदमाशों की गतिविधियों को सागर जिले की पुलिस पूर्व से जानती है। इस कारण उन्होंने घटनास्थल रायसेन जिला के बेगमगंज थाना क्षेत्र को चुना।

योजना अनुसार दिनांक, समय, स्थान पर स्वयं रोहित अहिरवार ने अपने साथी संजय बहरोलिया एवं हीरा गौड़ की मदद से कट्टे से बेनीबाई के पेट से सटाकर फायर किया, किंतु अंधेरे में गोली पेट के अंदर धंस गई। इसके बाद वायदे के मुताबिक संजय बहरोलिया ने दस हजार रुपये तत्काल मौके पर दिए तथा अपने भाई राकेश बहरोलिया हाल निवास इंदौर से बोलकर रोहित अहिरवार के दोस्त देवेंद्र चंद्रवंशी निवासी भोपाल के खाते में फोन पे के माध्यम से अगले दिन 25,000 रुपये डलवाए।

जब पुलिस को इनकी गतिविधियों का पता चला तो पुलिस सक्रिय हो गई और रोहित अहिरवार 20 फरवरी को हमीदिया अस्पताल भोपाल से फरार हो गया। जिसकी तलाश जारी है। मामले में प्रमुख षड्यंत्रकारी संजय बहरोलिया को पुलिस ने हिरासत में लेकर घटना के बारे में पूछताछ की। जिसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। भोपाल हमीदिया अस्पताल में बेनीबाई का इलाज होने के बाद उसे तीन दिन पहले रायसेन महिला उप जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में लाया गया था।

Posted By: Prashant Pandey

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