फोटोः14आरएसएन 07 : बेगमगंज। गरीब बाबूलाल का झोपड़ा।

बेगमगंज। नवदुनिया न्यूज

क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोइया के ग्राम खामखेड़ा में बाबूलाल पिता करोड़ी लाल अपने पांच लोगों के परिवार के साथ 15 साल से झोपड़ी में रह रहा है। आर्थिक हालात इतनी कमजोर है कि 15 साल के अंदर मकान बनाने में असमर्थ है और आवास की समस्या से क्षेत्रीय विधायक को बार बताने के बाद भी शासकीय आवास योजना से वंचित है। गरीब बाबू लाल का कहना है वर्तमान में कई दिनों से पंचायत सचिव के आगे पीछे घूमने के बाद भी कु छ पात्रों को तो प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिल चुका है, लेकि न एक मुझे छोड़कर सभी को लाभ मिला है। मुझ जैसे गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को झोपड़ी में रहना एक मजबूरी बना हुआ है। वहीं परिवार की इतनी आर्थिक हालत कमजोर है कि पति-पत्नी दोनों प्रतिदिन दैनिक मजदूरी के लिए दूसरे गांव के लिए जाते हैं। तब जाकर परिवार का भरण- पोषण हो पा रहे हैं। 15 साल पूर्व बाबूलाल के पास एक कमरे का कच्चा मकान था, जो के पत्नी की बीमारी के चलती बेंच दिया था और तभी से झोपड़ी में रह रहे हैं। इसके अतिरिक्त तहसील के कई ऐसे गांव हैं यहां दलित आदिवासी आज भी झुग्गी झोपड़ियों में निवास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सरपंचों एवं सचिवों द्वारा अपने-अपने चहेते लोगों को दिया गया है।

एक वर्ष में आधा दर्जन की मौत डेढ़ दर्जन घायल, नहीं भरे गड्डे

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ओवरलोड वाहनों एवं अनियंत्रित डम्परों की रेलमपेल में जहां आए दिन हो रही दुर्घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन के प्रति लोगों में गुस्सा है। सड़क पर गहरे गड्डे ओर तेजर रफ्तार वाहनों का कोई इलाज नहीं हो पा रहा है। सागर-सिलवानी रोड़ निर्माण करने वाली कम्पनी द्वारा घटिया निर्माण कि ए जाने से जगह-जगह गड्ढे होने पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के निर्माण कम्पनी की नींद नहीं टूटी। एक पखवाड़े के अंदर वाहन दुर्घटना में दो की मौत और डेढ़ दर्जन घायल हो चुके हैं। सागर-सिलवानी स्टेट हाईवे 15 पर कु छ दिन पहले मरम्मत के लिए जेसीबी से मढ़िया गोसाई से जैसीनगर के बीच बड़े-बड़े दर्जनों गड्ढे करके उनमें मुरम और गिट्टी भरकर छोड़ दी गई, जो पूर्व से खस्ताहाल सड़क होने के बाद अब उक्त गड्ढे अधिक दुर्घटनाओं को अंजाम देने वाले साबित हो रहे हैं। गत दिनों एक शिक्षक कि शोरी लाल रजक गड्ढे में गिट्टी पर से बाइक फिसल कर गिरने से गम्भीर रुप से घायल हो गए थे जिन्हें बेहोशी की हालत में पहले सागर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कि या गया था, लेकि न वहां आराम नहीं लगने के बाद उन्हें बेहोशी की हालत में ही नागपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके अतिरिक्त अब तक दर्जनों लोग गंभीर रुप से घायल हो चुके हैं। करीब 25 दिन में गड्ढे में गिरने से 20 वाहन दुर्घटनाओं के शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद भी अभी तक सड़क के गड्ढे नहीं भरे गए और न ही जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कंपनी के ऊपर कोई कार्‌रवाई नहीं की गई। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर लोग चिंतित हैं, लेकि न पुलिस प्रशासन तो मात्र चौथ वसूली में लगा हुआ है। उसे ट्रैफिक की कोई चिंता नहीं है।

रेल दुर्घटना में मृतक की अभी तक पहचान नहीं

सांची। लगभग दस दिन पूर्व रेल दुर्घटना मे मृतक की पहचान नहीं हो सकी पुलिस मृतक की पहचान के लिए मशक्कत कर रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चार जून 19 को सांची थाना अंतर्गत ग्राम कमापार रेल्वे ट्रेक पर सूचना पर पुलिस ने ट्रेन दुर्घटना में मृत शव बरामद कि या था तथा पहचान हेतु कई लोगों से संपर्क कि या परन्तु पहचान नहीं हो सकी जिसे पुलिस ने अपनी कार्यवाही पूरी करते हुए शव को दफनाया था। मृतक के पास कि सी तरह का कोई परिचय पत्र नही मिला। मृतक सफे द धोती तथा कत्थई रंग की सामने जेब वाली बंडी पहने हुए था एवं बनियान पहने था, जिसका थाना सांची मे मर्ग कायम कि या गया है तथा शिनाख्त हेतु पुलिस कार्यवाही में जुटी है।