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-कृषि विशेषज्ञों की सलाह पाला व शीतलहर के प्रकोप से फसलों को बचाएं

प्वाइंटर

-8 व 9 जनवरी को बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना

-न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री और अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री रहा

फोटोः06आरएसएन 01

रायसेन। पाले के चलते तुअर की फसल हुई प्रभावित।

रायसेन। नवदुनिया प्रतिनिधि

उत्तर भारत में बर्फबारी के बाद वहां से आने वाली हवाओं ने अंचल में एक बार फिर ठिठुरन पैदा कर दी है। बीते चार दिन के दौरान कभी पश्चिमी तो कभी पूर्वी हवा चलती रही। इससे नमी का स्तर बढ़ा रहा। बादल व कोहरा छाए रहने से दिन का तापमान कम रहा, वहीं रात में पारा कु छ ज्यादा रहा। अब मौसम का चक्र फिर बदल रहा है। हवा का रूख उत्तरी हो गया है। जो सूखी और बेहद ठंडी रहती है। इससे नमी में गिरावट आ रही है। इसका एक फायदा यह है कि दिन में आसमान साफ रहता है और अच्छी धूप खिलती है। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री हो गया। वहीं न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री दर्ज कि या गया। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 8 जनवरी तक रात के तापमान में गिरावट का रुख बना रह सकता है। पारा 6 डिग्री या इससे नीचे भी जाने की संभावना है। 8 व 9 जनवरी को बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।

-पाले से दलहनी फसलों को नुकसान

जिलेभर में सर्दी का सितम जारी है। पारे में लगाातर उतार-चढ़ाव बना हुआ है। वहीं रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। जिले के विभिन्न इलाकों से फसलों में पाला पड़ने की खबरें आने लगी है। गैरतगंज तहसील के ग्राम तरावली में पाला लगने से तुअर की फसलें प्रभावित हुई हैं। कि सान मिट्ठूलाल मीणा, सुरेश बाबू मीणा ने बताया कि पाले से उनकी आठ एकड़ की तुअर की फसल नष्ट हो गई है। उन्होंने बताया कि पूरी फसल काली पड़ गई है। पाले से कि सानों के सब्जियों की फसलें भी प्रभावित हो गई हैं। वहीं सुल्तानगंज सहित अन्य क्षेत्रों में तुअर की फसलें खराब हो गई हैं। लगातार बादल व तापमान में कमी के कारण रबी फसलों में कीट व रोगों का प्रकोप भी दिखाई दे रहा है।

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पाले से बचाव के लिए निम्न उपाय करें

-शाम के समय खेतों के चारों ओर कूड़ा करकट जलाकर धुआं करें।

-जहां पर पानी की उपलब्धता हो व फसल में सिंचाई का उचित समय भी हो वहां खेतों में सिंचाई करें।

-उद्यानों व साग, सब्जी फसलों को शीत लहर से बचाव के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा में वायुरोधी टटियां लगाएं।

-साइकोसिल दवा 400 ग्राम प्रति एकड़ दवा का छिड़काव करें ।

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इनका कहना

-फसलों को पाले से बचाएं

लगातार तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है। ऐसे में फसलों में पाला लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए कि सान अपनी फसलों में सिंचाई करें, ताकि नमी बने रहने से फसलों को नुकसान न हो सके ।

डॉ. स्वनलि दुबे

वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र, रायसेन

Posted By: Nai Dunia News Network

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