रायसेन। नवदुनिया प्रतिनिधि

देश की व्यापारी संस्था कंफेडरेशन ऑल इंडिया ट्रेडर्स कैट के आह्वान पर शुक्रवार को भारत व्यापार बंद का जिला में सफल रहा। दोपहर तक पूरी तरह दुकानें व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रखकर व्यापारियों ने एकजुटता दिखाई। कैट के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एवं सदस्य विवेक साहू ने बताया कि सभी व्यापारी संस्थाओं ने जीएसटी की विसंगतियों एवं जटिलताओं को लेकर भारत बंद को अपना समर्थन दिया है। जीएसटी लागू होने के बाद 4 साल में 937 से ज्यादा बार संशोधन हो गए हैं। केंद्र सरकार को जीएसटी को लेकर उचित कदम उठाना चाहिए। व्यापारियों ने बताया कि 8 फरवरी को नागपुर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में देश के लगभग 200 व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर भारत व्यापार बंद का आह्वान किया था। जीएसटी में व्यापारियों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी व्यापार से ज्यादा जीएसटी की विसंगतियों को दूर करने के लिए भाग दौड़ रहा है। इसी को देखते हुए विरोध स्वरूप व्यापारी शुक्रवार को जीएसटी पोर्टल पर लॉगिन नहीं किया है। जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष संतोष साहू ने बताया कि रायसेन के सभी व्यापारी संगठनों ने भारत व्यापार बंद को अपना समर्थन दिया है। नगर में चाय पानए मेडिकल व दूधए सब्जी दुकानों को छोड़कर अन्य सभी दुकानें दोपहर 2 बजे तक बंद रहीं।

कैट का दावा- देश भर में रहे बाार बंद

कंफेडरेशन ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया व राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने जारी प्रेसनोट में दावा किया है कि कैट के भारत व्यापार बंद के आह्वान पर आज देश भर में 40 हजार से ज्यादा व्यापारी संगठनों के 8 करोड़ से अधिक व्यापारियों ने अपना कारोबार बंद रखा है। जीएसटी के नियमों में किए गए कुछ मनमाने और गैरकानूनी संशोधनों के खिलाफ व्यापारियों की आवा बुलंद हुई है। बड़ी विदेशी ई कॉमर्स कम्पनियां लगातार सरकार के कानून और नीतियों का उल्लंघन कर रही हैं। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की बार-बार चेतावनी के बाद भी यह कंपनियां लगातार नीति का उल्लंघन कर यह बताने की कोशिश कर रही हैं की भारत के कानून और नीति कमजोर हैं। शुक्रवार को पूरे भारत में लगभग 8 करोड़ व्यापारियों, 1 करोड़ ट्रांसपोर्टरों, 3 करोड़ हॉकर्स और लगभग 75 लाख छोटे उद्योगपतियों ने अपना कारोबार बंद रखा है। जीएसटी कानून और नियमों की जटिलता को रेखांकित करते हुए भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि 1 जुलाई 2017 को जीएसटी की घोषणा की गई थी जो वर्तमान में वास्तविक रूप से एक सरल कर था, लेकिन पिछले चार वर्षों में 1000 से अधिक संशोधनों के साथ जीएसटी को बेहद जटिल कानून बना दिया गया है। एक सामान्य व्यापारी की समझ से परे एक जटिल प्रणाली प्रणाली बन गई है।

बेगमगंज में व्यापारी संघ ने 1 घंटे किया प्रदर्शन

बेगमगंज। जीएसटी कानून के विरोध में गल्ला व्यापारी संघ ने 1 घंटे तक अपना कारोबार बंद रखते हुए जमकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जीएसटी में बदलाव करने की मांग की। गल्ला व्यापारी संघ अध्यक्ष संजय ओसवाल ने बताया कि जीएसटी कानून व्यापारियों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन गया है। जीएसटी के विरोध में विभिन्ना व्यापारिक संगठनों के बंद के आह्वान पर बेगमगंज गल्ला व्यापारी संघ ने 1 घंटे बंद रख कर अपना विरोध प्रदर्शन किया।

उदयपुरा व्यापारी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन

उदयपुरा। व्यापार महासंघ उदयपुरा ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार राकेश शुक्ला एवं थाना प्रभारी प्रकाश शर्मा को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा है कि हम जीएसटी का विरोध नहीं कर रहे। हम चाहते हैं कि हमारी भावनाओं को समझते हुए जीएसटी प्रणाली को सरल एवं पारदर्शी की जाए। ताकि ईमानदारी से टैक्स भरने वाले हम व्यापारी हतोत्साहित ना हो और एक देश, एक कर का नारा सार्थक हो। व्यापार महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से चेताया है कि यदि हमारी मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो इस कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। व्यापारियों में प्रमुख वरिष्ठ व्यापारी शिव नारायण मालानी, ऋषिराज तोमर, प्रदीप विश्नोई, व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेंद्र रघु, संजु भैया, विवेक लोया आदि मौजूद रहे। जिला के अन्य क्षेत्रों में भी व्यापार बंद रखते हुए व्यापारियों ने जीएसटी में किए गए संशोधनों का विरोध किया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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