रायसेन, मंडीदीप। नवदुनिया प्रतिनिधि

प्रशासन ने जिले में सभी प्रकार की दुकानें सुबह 8 से शाम 7 बजे तक खोलने की अनुमति दे दी है। इसी के साथ ही शुक्रवार का सभी जगह बाजार खुला रहा। उद्योगों में हालांकि कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए उत्पादन की अनुमति पूर्व से थी, लेकिन बाजार बंद होने के कारण उद्योगपतियों का कारोबार भी बंद था। अब उद्योगपति शासन से राहत पैकेज मिलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उद्योगों की रफ्तार बढ़ सके। करीब 70 दिन बाद पूरा बाजार खुलने से रौनक नजर आई, परंतु बारिश का दौर शुरू होने के कारण ग्राहकी नहीं बढ़ी है। बैंकों में जरूरी किसानों की कतार नजर आई। गेहूं बेचने के बाद किसान बैंकों से रुपये निकालने के लिए कतार में लगे नजर आते हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से राहत मिलने के बाद सभी आर्थिक गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से संभावित तीसरी लहर के बचाव को लेकर सावधानी बरने की हिदायत दी जा रही है। इसके अलावा प्रशासन ने वैक्सीनेशन कार्य तेज कर दिया है ताकि तीसरी लहर आने से पूर्व शत-प्रतिशत व्यक्त लोगों को वैक्सीन का टीका लग सके। प्रशासन ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है। वहीं दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था को फिर से सुदृढ़ करने के लिए उद्योगों में उत्पादन शुरू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत बीते दिनों पहले राज्य सरकार ने अनलॉक एक में कई प्रतिबंधों को हटाते हुए बड़ी राहत दी। इससे उद्योगों को अब कच्चा माल मिलने के साथ ही अन्य आवश्यक मशीनों के कलपुर्जे आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। लेकिन देश के दूसरे प्रदेशों में पूरी तरह से अनलॉक नहीं होने के कारण औद्योगिक उत्पादन गति नहीं पकड़ सकेगा। ऐसे में उद्यमियों को अन्य प्रदेशों के खुलने का बेसब्री से इंतजार है। एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज के संयुक्त सचिव सीबी मालपानी का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन से कच्चे माल की समस्या तो बनी ही हुई थी, तैयार माल को भी बाहर नहीं भेज पा रहे थे। अब सभी तरह के बाजार और उद्योग खुलने से उनकी मुश्किलें आसान हो जाएंगी।

- दूसरे राज्य भी अनलॉक होने का इंतजार -

उद्योग महासंघ के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल का कहना है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर जितनी तेजी से कम हो रही है उससे लोगों के लॉकडाउन से बाहर आने की आवश्यकता उतनी ही बढ़ती जा रही है। समस्या यह है कि लॉकडाउन से बाहर निकलने की प्रक्रिया बहुत धीमी है। इस धीमी प्रक्रिया से आर्थिक व्यापारिक गतिविधियों को बल मिलने की कोई प्रबल संभावना इसलिए नहीं है क्योंकि मध्य प्रदेश भले ही अनलॉक हो गया हो, परंतु अभी महाराष्ट्र, दिल्ली का बाजार, तमिलनाडु, पंजाब और हरियाणा सहित अन्य राज्यों का अभी पूरी तरह से अनलॉक होना शेष है। जब तक यह राज्य पूरी तरह से अनलॉक नहीं हो जाते तब तक औद्योगिक उत्पादन पूरी तरह से गति नहीं पकड़ पाएगा। वहीं जिन क्षेत्रों को लॉकडाउन से मुक्त किया गया है वहां के उद्योग तभी गति पकड़ सकेंगे जब उनसे संबंधित क्षेत्रों को भी पाबंदी से बाहर किया जाए।

- आड़े आएगी मजदूरों की कमी-

ज्ञात है कि लॉकडाउन के बाद मंडीदीप के करीब 15 हजार से अधिक ठेका और दिहाड़ी मजदूर पलायन कर चुके हैं। ऐसे में अब उद्योगों के पूरी तरह चालू होने के बाद उन में मजदूरों की आवश्यकता पड़ेगी। परंतु घर लौट चुके मजदूर अब तक वापस नहीं आए हैं। जिससे फिलहाल तो उद्योगों को मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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