बेगमगंज। नवदुनिया न्यूज

दो साल से अधूरा पड़ा है। आजीविका भवन जिसको पूर्ण कराए जाने को लेकर तहसील के 1262 महिला स्व सहायता समूह की 12046 महिला सदस्यों ने कलेक्टर से शीघ्र पूर्ण कराने की गुहार लगाई है। तहसील में मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सन 2016 से संचालित होकर ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक रूप से कमजोर गरीब महिलाओं को महिला स्व. सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य निरंतर कार्यरत है। पिछले डेढ़ दशक से मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बेगमगंज की इकाई द्वारा अब तक 1262 महिला स्व सहायता समूह गठित करके उन्हें पंजीकृत किया गया है। जिनमें 12046 महिला सदस्य कार्यरत है जोकि स्व. सहायता समूह के माध्यम से विभिन्ना प्रकार के स्वरोजगार से जुड़कर अपनी आजीविका चला रही है और साथ ही आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ सामाजिक एवं नैतिक रूप से भी मजबूत हो रही है। तहसील के 1262 महिला स्व. सहायता समूह पर 177 ग्राम संगठन बनाए गए हैं। समय-समय पर सभी सदस्यों को विभिन्ना योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । लेकिन स्थानाभाव के कारण योजना सही ढंग से संचालित नहीं हो पा रही है। समस्याओं के मद्देनजर जिला पंचायत से ग्रामीण विकास ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आजीविका मिशन का भवन स्वीकृत करते हुए 45 लाख की राशि आवंटित की गई थी। जिसकी निविदाएं आरईएस विभाग के माध्यम से जारी की गई थी। 3 वर्ष पूर्व उसके टेंडर स्वीकृत होकर एक ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया था । भवन आधा अधूरा निर्मित हो गया है और ठेकेदार को विभाग द्वारा 32 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है लेकिन पिछले दो साल से भवन का कार्य अधूरा छोड़कर जो ठेकेदार गायब हुआ है तो आज तक उसका पता नहीं लग सका कि वह कहां पर है। स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा कलेक्टर अरविंद दुबे से मांग की गई है कि अधूरे पड़े आजीविका भवन को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए आदेशित करें ताकि हम लोगों को सही समय पर उचित प्रशिक्षण मिल सके।

भवन अधूरा होने से समस्या है

मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के विकासखंड प्रबंधक सुधीर कुमार सोनी का कहना है कि मिशन की गतिविधियों को सही ढंग से संचालित करने के लिए जनपद पंचायत से भवन की मांग की गई थी, लेकिन मात्र एक कक्ष उपलब्ध कराया गया है। जिसमें सही ढंग से काम नहीं हो पा रहा है । दूसरी ओर मिशन का निर्माणाधीन भवन 2 वर्ष से अधूरा पड़ा है। यदि वह पूर्ण हो जाए तो सही ढंग से महिलाओं को प्रशिक्षण मिलने लगेगा एवं भवन में आवासीय प्रशिक्षण के साथ दूरदराज की महिला सदस्यों को विश्राम करने के साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हो जाएंगी।

मारपीट करने वाले पिता व दो पुत्रों को एक वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

रायसेन। नवदुनिया प्रतिनिधि

न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तहसील. उदयपुरा ने आरोपित गणेश आत्मज हाकमसिंह उम्र 40 वर्ष, राजा आत्मज हाकमसिंह उम्र 35 वर्ष, पंडा उर्फ हाकमसिंह आत्मज धीरजसिंह गडरिया उम्र 70 वर्ष, सभी आरोपित निवासी संजय नगर देवरी तहसील व थाना देवरी जिला रायसेन को धारा 325 सहपठित धारा 34 के अंतर्गत एक वर्ष का सश्रम कारावास की सजा एवं 500-500 रुपये अर्थदण्ड से दंडित किया जाएगा तथा व्यतिक्रम पर एक माह का सश्रम कारावास पृथक से भुगताया जाएगा। इस मामले में शासन की ओर से राजेन्द्र वर्मा सहायक जिला अभियोजन अधिकारी तहसील उदयपुरा ने पैरवी की। फरियादी बडेलाल ने आरक्षी केन्द्र देवरी उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14-7-2015 को वह अपने खेत पर था कि उसके खेत से लगा हुआ अभियुक्त गणेश का खेत है। फरियादी अपने खेत की मेढ़ पर पत्थर रख रहा था कि अभियुक्त गणेश बोला कि उसने उसकी मेढ़ तोड़ दी है। इसी बात पर से गणेश ने फरियादी के सिर में पीछे तरफ से परेना मारा। जिससे चोट आकर खून निकलने लगा। पत्नी कृष्णाबाई बीच बचाव करने आई तो अभियुक्त राजा ने हाथ में रखी कुल्हाड़ी से कलाई में मार दिया। जिससे चोट लगकर खून निकलने लगा तथा पीठ में बायें पैर की जांघ में मारपीट की गई थी।

मारपीट करने वाले को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई

रायसेन। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट रायसेन ने आरोपित नंदकिशोर उर्फ गोलू अहिरवार आत्मज कंछेदीलाल अहिरवार आयु 23 साल, निवासी ताजपुर महल रायसेन को मारपीट करने के आरोप में दोषसिद्ध पाये जाने पर धारा 323 के अंतर्गत न्यायालय उठने तक की सजा एवं 1000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है। राज्य की ओर से नेहा दुबे सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने पैरवी की है। फरियादी ने थाना रायसेन में रिपोर्ट की थी कि 10-5-2019 को उसके लड़के का मुंडन था। जिसमें उसके पापा नहीं आए थे। जिस संबंध में उसके घर के सामने अपने पति से वह फोन पर बात कर रही थी उसी दौरान आरोपित उसके पति से बोला कि उसके ससुर से उसकी बात कराओ जब उसने बात करने से मना किया तब वह गंदी-गंदी गालियां देने लगा और झूमा-झटकी कर बुरी नियत से कपड़े खींचने लगा। तभी मंझले ककीया ससुर ने आकर बीच बचाव किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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