रायसेन (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मुख्यालय से बीस किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर ग्राम पगनेश्वर के पास बेतवा की बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर बहने के कारण 36 घंटों तक रायसेन-सांची-सागर मार्ग पर आवागमन बंद रहा। जिले में 20 अगस्त की देर रात से वर्षा का दौर शुरू होकर 22 अगस्त की देर रात तक जारी रहा। अठतालिस घंटों में 239 मिमी वर्षा हुई है। मंडीदीप के पास दाहोद, केरवा जलाशयों के गेट खोलने से बेतवा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया था। ग्राम पगनेश्वर के पास बेतवा की बाढ़ का जलभराव सड़क पर चार फीट से अधिक होने के कारण 21 अगस्त की रात से रायसेन-सांची-सागर के लिए आवागमन बंद हो गया था। वर्षा थमने के बावजूद बेतवा की बाढ़ का पानी सड़क से नीचे नहीं उतरा। मंगलवार देर शाम सड़क से पानी उतरने के बाद आवागमन शुरू हो सका। इधर रायसेन से गैरतगंज-बेगमगंज-राहतगढ़ मार्ग पर भी आवागमन चौबीस घंटे बंद रहा। गैरतगंज के पास कहूला नदी पर विगत बारह वर्ष से पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। बारह वर्ष पहले यह पुल अत्याधिक भारी मशीन लेकर जा रहे कंटेनर के चढ़ते ही टूट गया था। तब से पुल का निर्माण कार्य जारी है। आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था छोटे पुल से की गई है। जिसकी ऊंचाई करीब दस फीट होने के कारण नदी का पानी दो-तीन घंटे की तेज वर्षा में ही पुल से ऊपर बहने लगता है। यह मार्ग 22 अगस्त को सुबह से ही बंद हो गया था। जो कि 23 अगस्त की देर शाम तक चालू हुआ।

अब तक 1317.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज

जिले में एक जून से 23 अगस्त 2022 तक 1317.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है जो कि गत वर्ष इसी अवधि में हुई औसत वर्षा से 540.3 मिलीमीटर अधिक है। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा 1197.1 मिलीमीटर है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एक जून से 23 अगस्त 2022 तक जिले के वर्षामापी केन्द्र रायसेन में 1479.6 मिलीमीटर, गैरतगंज में 1391.8, बेगमगंज में 1464.3, सिलवानी में 1186.6, गौहरगंज में 1364, बरेली में 1324.2, उदयपुरा में 1421.4, बाड़ी में 1346, सुल्तानपुर में 1251.2 तथा वर्षामापी केन्द्र देवरी में 943.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। जिले में बीते 24 घंटे में 23 अगस्त को प्रातः 8 बजे तक 107.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान वर्षामापी केन्द्र रायसेन में 170.2, गैरतगंज में 160.6, बेगमगंज में 162, सिलवानी में 70, गौहरगंज में 214.4, बरेली में 70.6, उदयपुरा में 69, बाड़ी में 54, सुल्तानपुर में 43.2 तथा वर्षामापी केन्द्र देवरी में 59 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने लिया जायजा

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मंगलवार को रायसेन नगर के बाढ़ तथा जलभराव प्रभावित वार्डों का दौरा किया। उन्होंने रायसेन के रामलीला मैदान, अर्जुन नगर, पटेल नगर, राहुल नगर सहित अन्य वार्डों में जाकर बाढ़, जलभराव से हुई क्षति का जायजा लिया तथा मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने बाढ़, जलभराव से प्रभावित लोगों से भी चर्चा कर नुकसान के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन उनके साथ है तथा प्रभावितों की हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान एसडीएम एलके खरे, तहसीलदार अजय पटेल, पूर्व नपाध्यक्ष जमना सेन एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

दो सौ ग्रामों की पचास हजार हेक्टेयर में फसलें बर्बाद

बेतवा नदी की बाढ़ का जलभराव लगातार सात दिनों से खेतों में बना हुआ है। जिले में 15 अगस्त को हुई तेज वर्षा के कारण बेतवा व अन्य सभी नदियां उफान पर थी। तब नदियों की बाढ़ का जलभराव खेतों में भी हो गया था। उसके बाद 21 अगस्त की रात से पुनः तेज वर्षा के कारण बेतवा सहित सभी नदियां उफान पर आ गईं। मंडीदीप व भोपाल के पास दाहोद, केरवा, कलियासोत, भदभदा के गेट खोलने के कारण बेतवा एवं हलाली नदी में बाढ़ आ गई। बेतवा का पानी करीब डेढ़ सौ ग्रामों के तीस हजार हेक्टेयर से अधिक खेतों में घुस गया है। जबकि हलाली डैम का पानी करीब पचास ग्रामों के बीस हजार हेक्टेयर खेतों में घुसने से धान, सोयाबीन की फसलों को बर्बाद कर रहा है। हालांकि काफी मात्रा में नदी का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन खेतों में भरा पानी बर्बादी के निशान छोड़ रहा है। किसानों का कहना है कि उनके पूरे अरमान बाढ़ के पानी में बर्बाद हो गए हैं। इस वर्ष किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन बाढ़ ने सबकुछ तबाह कर दिया है। अब किसान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

बाढ़ से फसलों तथा लोगों की घर-गृहस्थी को हुए नुकसान का आकलन प्रशासनिक अधिकारियों से कराया जा रहा है। नुकसानी की सर्वे रिपोर्ट प्राप्त होने पर शासन की ओर से यथोचित मुआवजा दिया जाएगा। संकट की इस घड़ी में सरकार बाढ़ प्रभावितों की मदद करेगी।

- डा. प्रभुराम चौधरी, सांची विधायक व स्वास्थ्य मंत्री।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close