रायसेन(नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मुख्यालय रायसेन में पिछले तीन दिनों से लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। यहां पेयजल संकट का कारण पानी ही है। तीन दिन पूर्व हुई भारी वर्षा के कारण हलाली डैम की बाढ़ का जलभराव पंप हाउस में हो गया है। जिससे रायसेन की पेयजल व्यवस्था चौपट हो गई है। हलाली डैम से रायसेन में पेयजल वितरण पाइप लाइन के माध्यम से होता है। चार वर्ष पूर्व 34 करोड़ रुपये की लागत से रायसेन से हलाली डैम 23 किमी दूर तक पाइप लाइन बिछाई गई है। हलाली डैम के पास बने पंप हाउस से डैम का पानी रायसेन बायपास स्थित जलशोधन संयंत्र पहुंचता है। वहां से नल पाइप लाइनों के द्वारा जल वितरण करीब एक लाख की आबादी को घर.घर किया जाता है। पिछले तीन दिनों से यह वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है और आगामी तीन दिनों तक जल सप्लाई बाधित रहने की बात नपा प्रशासन कर रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में शहर के 12 ट्यूबवेल व टैंकरों के माध्यम से लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। शहर में दो दशक पहले ट्यूबवेलों के माध्यम से ही जल वितरण व्यवस्था थी। बाद में जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर भोपाल मार्ग पर माना फिल्टर प्लांट स्थापित करते हुए बेतवा के पानी की नगर में सप्लाई शुरू की गई थी। जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। माना फिल्टर प्लांट से जल वितरण व्यवस्था एक दशक भी सुचारू रूप से नहीं चल सकी। उसके बाद लगातार पाइप लाइनें खराब होने तथा फिल्टर प्लांट में खराबी आने के कारण यह व्यवस्था नाकाफी साबित होने लगी। शहर की बढ़ती आबादी के कारण जल वितरण की बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए शासन को हलाली डैम से पानी लाने के लिए 34 करोड़ का प्रस्ताव भेजा। जिसे शासन से मंजूरी मिलने के बाद उसे अमलीजामा दिया गया। पिछले चार वर्षों में हलाली परियोजना को मूर्त रूप देने के बाद इसमें कई तरह की समस्याएं सामने आने लगीं। कभी पाइप लाइन में रिसाव तो कभी स्टार्टर जलने से जल वितरण व्यवस्था बाधित होने लगी। इस तरह जनता पर करोड़ों रुपये का कर्ज लादने के बाद भी नपा प्रशासन घर-घर पानी मुहैया नहीं करा सका। हलाली डैम के पास बनाए गए पंप हाउस में भी कम ऊंचाई पर स्टार्टर लगाने के कारण जलभराव से समस्या पैदा हुई है।

- पातरा नाले का दूषित पानी हलाली में मिलता है

हलाली डैम में भोपाल का भयंकर दूषित पातरा नाले का गंदा पानी शामिल होता है। छोटे तालाब से निकला पातरा नाला बाग उमराव दूल्हा, अशोका गार्डन, चांदबढ़, खुशीपुरा होते हुए हलाली डैम में मिलता है। इन नाले में भयंकर गंदगी होती है। नाला का पानी हलाली में शामिल होने से पहले जलशोधन संयंत्र भी नहीं लगा है। इस भयंकर दूषित पानी के शामिल होने के बावजूद शहर में हलाली डैम से जल सप्लाई की व्यवस्था की गई है। जिससे रहवासियों को दूषित पानी मिलने की शिकायत आए दिन होती रहती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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