सांची (रायसेन)। Raisen News विश्व धरोहर सांची बौद्ध स्तूप परिसर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाबोधि मेले का शुभारंभ शनिवार को होगा। स्तूप परिसर स्थित चैत्यगिरी विहार में सुबह 7 बजे कें द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के अध्यक्ष वानगल उपतिस्स नायक थेरो भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्य सारिपुत्र और महामोग्गलान की पवित्र अस्थियों की पूजा करेंगे। इसके बाद अस्थिकलशों को दर्शनों के लिए रखा जाएगा। मंदिर प्रांगण में श्रीलंका के लोक कलाकार नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इस मेले में जापान, थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, श्रीलंका, भूटान आदि देशों के बौद्ध अनुयायी सांची आए हैं। वियतनाम से आए अनुयायी चैत्यगिरी परिसर की सजावट का जिम्मा संभाले हुए हैं। वहीं जिला प्रशासन ने यहां सभी इंतजाम किए हैं।

शाम को सांस्कृतिक महोत्सव

शाम 7 बजे सांस्कृतिक महोत्सव में प्रदेश की संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, स्कू ल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रभारी मंत्री हर्ष यादव, भारत में श्रीलंका के उच्चायुक्त आस्टीन फर्नान्डो सहित वियतनाम संघ एवं उपासक मंडल शामिल होंगे।

पहले दिन ध्रुपद शैली में सुरेखा कामले एवं उनके साथी बुद्ध वंदना तथा गीत से शुरुआत करेंगे। फिर जापान के कलाकार माय मीचिओ यसुदा जापान के लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे। चंद्रमाधव बारीक के निर्देशन में जातक कथा स्वर्णमृग एकाग्र नाट्य एवं कि शोर नृत्य निके तन नागपुर द्वारा नृत्य नाटिका आम्रपाली की प्रस्तुति दी जाएगी।

पत्थर बन रहीं स्तूप की प्रतिकृतियां

मप्र हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विभाग की पहल पर मुरैना के पत्थर कारीगरों ने सांची के स्तूपों की प्रतिकृतियां पत्थर से बनाई हैं। महाबोधि मेले में विभाग के श्ाोरूम पर यह आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इन्हें श्रीलंका में भी प्रमोट करने की तैयारी है। हस्तशिल्प एवं हाथकरघा निगम आयुक्त राजीव शर्मा ने यह सुझाव दिया था, जिसे अब मूर्तरूप दिया गया है। इससे विभाग की आय बढ़ेगी और धरोहर का भी प्रचार होगा।

Posted By: Hemant Upadhyay