रायसेन (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भोपाल सहित अन्य कई शहरों में स्कूल बसों में बच्चियों के साथ हादसे के बाद भी जिले के निजी स्कूल संचालक शासन की गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। शासन ने पिछले दिनों राजधानी के एक निजी स्कूल की मासूम बच्ची के साथ हुई घिनौनी हरकत के बाद सभी स्कूल संचालकों को बसों में शिक्षिका को बच्चियों के साथ बैठा कर आवागमन करने के निर्देश दिए थे। लेकिन जिले में शासन के निर्देशों का पालन करने के प्रति निजी स्कूल संचालक गंभीर नहीं हैं। यही कारण है कि मंडीदीप में एक निजी स्कूल में नाबालिंग तीन छात्राओं के साथ शिक्षक ने अश्लीलता कर दी।

हालांकि प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ऑन रोड सेफ्टी कमेटी के जारी दिशा-निर्देशों का जिले में पालन कराने के लिए कलेक्टर अरविंद दुबे तथा पुलिस अधीक्षक विकाश शाहवाल के निर्देशानुसार रायसेन, मण्डीदीप सहित जिले की विभिन्ना शैक्षणिक संस्थाओं में यातायात प्रभारी एवं परिवहन विभाग द्वारा स्कूल वाहनों की जांच की गई। रायसेन में सेंट फ्रांसिस स्कूल में यातायात एवं परिवहन विभाग के संयुक्त दल ने स्कूल बसों की चेकिंग की तो पैनिक बटन व व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस नहीं मिले। खामियों को पूरा करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ऑन रोड सेफ्टी कमेटी के द्वारा जारी गाइडलाइन का भी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी के तहत सलामतपुर थाना क्षेत्र के चौकी प्रभारी भोपाल विदिशा मेन रोड स्थित निजी स्कूल पहुंचे। यहां पर स्कूल बसों समेत अन्य वाहनों की जांच की। स्कूली बसों के चालकों के संबंध में जानकारी ली गई। सुरक्षा इंतजाम देखे गएए बस में लगे सीसीटीवी चेक किए। बस चालकों के दस्तावेज भी चेक किए गए। चौकी प्रभारी सत्येंद्र दुबे ने बताया कि स्कूल प्रबंधन से कहा जा रहा कि स्कूली बसों में गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी स्कूल संचालक स्कूली बसों की सतत मॉनिटरिंग करें। यदि किसी भी स्थिति में कोई भी गड़बड़ी पाई जाती है तो बस संचालक के साथ दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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