सांचेत (नवदुनिया न्यूज)। सांचेत में सड़क पर हुए बड़े-बड़े गड्ढों से राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। जबकि सलामतपुर में घोड़ापछाड़ नदी के पुल की रेलिंग अनेक जगह से टूटी पड़ी है। इससे वाहनों के दुर्घटना का शिकार होने की आशंका बनी रहती है। सरकार ने कच्चे रास्तों को पक्का करने की बहुत सी घोषणाएं की हुई हैं जिन पर विभागीय अधिकारी काम करने का दावा करते हैं। लेकिन, जो सड़कें पहले से ही पक्की हैं और गड्ढों में तब्दील हो रही हैं उनकी तरफ न तो सरकार के नुमाइंदों का ध्यान जा रहा है और न ही विभाग के कार्यालयों में बैठे उच्च अधिकारियों समस्या का हल करने में रुचि ले रहे हैं।

सड़कों की मरम्मत के लिए प्रति वर्ष लाखों रुपये का बजट विभागों में आता है। सड़कों की हालत को देखकर ऐसा लगता है कि यह बजट केवल फाइलों में ही पूरा हो रहा है। सरकार का गड्ढा मुक्त सड़कों का अभियान भी दम तोड़ता हुआ नजर आ रहा है। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते सांचेत- खंडेरा सड़क गड्ढों में तब्दील दिखाई दे रही है। गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को जान का जोखिम बना रहता है। सड़क पर गड्ढे होने के चलते वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। इस सड़क की चौड़ाई भी कम है। ऐसे में चार पहिया वाहनों का एक साथ आवागमन होना दुर्घटना को न्योता देना जैसा ही है। विभागीय अधिकारियों ने पिछले डेढ़ दशक से इस सड़क के गड्ढे को भरवाने की जहमत तक नहीं उठाई है।

दस हजार लोगों का आवागमन

सांचेत से खंडेरा तक पांच किमी तक बुरी तरह गड्ढों में तब्दील सड़क से करीब दस हजार ग्रामीणों का आवागमन होता है। कस्बा सांचेत रायसेन तहसील की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। यहां करीब पांच हजार की आबादी है। इसके अलावा दर्जन भर ग्रामों लोग इसी सड़क के माध्यम से रायसेन-सागर मुख्य मार्ग के जोड़ तक आवागमन करते हैं।

इनका कहना

इस रोड से रोजाना सैकड़ों हल्के व भारी वाहन निकलते हैं। सड़क पर गड्ढे होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विभाग में सड़कों की मरम्मत के नाम से जो पैसा आता है उसकी जांच कराने के लिए विभाग के मंत्री को शिकायत करेंगें।

- विनोद लोधी सांचेत निवासी

पिछले कई वर्षों से सड़क में गड्ढे बने हुए हैं। विभाग की लापरवाही के चलते ग्रामीण आवागमन के लिए परेशान हैं। यदि सड़क के गड्ढों को जल्द नहीं भरा गया तो ग्रामीणजन आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

- कपिल साहू सांचेत निवासी

विभाग की लापरवाही राहगीरों पर भारी पड़ रही है। विभाग को जनहित में जल्द से जल्द गड्ढे भरवाने चाहिए, जिससे कोई बड़ा हादसा न हो सके। सड़क के गड्ढों को भरने के साथ-साथ चौड़ीकरण भी किया जाए।

- सुरेश शर्मा सांचेत निवासी

सलामतपुर के पास घोड़ापछाड़ नदी पुल की रेलिंग टूटी, राहगीरों की जान से किया जा रहा है खिलवाड़

सलामतपुर। जिले के सलामतपुर कस्बे के पास घोड़ापछाड़ नदी के पुल की रेलिंग टूटी पड़ी है। इस मार्ग पर यात्रा करने वाले हजारों लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिम्मेदारों का इस जर्जर रेलिंग पर ध्यान नहीं है। जबकि रोजाना इस पुल पर से हजारों वाहन गुजरते हैं। यह पुल लगभग सौ वर्ष पुराना है। इस पुल पर से होकर भोपाल से दीवानगंज, सलामतपुर होकर विदिशा, सागर के लिए सैकड़ों वाहन प्रतिदिन चलते हैं। सलामतपुर के रहवासी कैलाश गोस्वामी, मयंक साहू, हसन मंसूरी, दीपक अहिरवार ने बताया कि घोड़ापछाड़ पुल की सड़क के बीच में बड़े- बड़े गड्ढे व लंबी लंबी दरारें आ गईं हैं। जिसमें वाहन का टायर फंस जाता है। उनकी मोटरसाईकिल भी कई बार दरारों में फंस चुकी है। ग्राम गाडरखेड़ी के यशवंत राजपूत सलामतपुर के अशोक त्रिपाठी आदि का कहना है कि पुल के काफी पुराना हो गया है। इसकी रेलिंग कई जगह से टूटी हुई पड़ी है।

इनका कहना

भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 के मुक्तापुर गांव के पास स्तिथ घोडापछाड़ पुल की रेलिंग तो छतिग्रस्त हो ही गई है। इसके अलावा पुल भी काफी जर्जर हो चुका है। म्मिेदार अफसर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

- रघुवीर मीणा, सरपंच रातातलाई

सलामतपुर के पास घोड़ापछाड़ पुल का निर्माण लगभग 100 वर्षों पहले हुआ था। इस मार्ग पर यातायात का बहुत अधिक दवाब रहता है। पुल की रेलिंग जगह-जगह से टूटी है व सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।

- बबलू पठान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलामतपुर

मैं सलामतपुर से प्रतिदिन भोपाल अपडाउन करता हूं। जब इस पुल से निकलता हूं तो जान का खतरा लगता है। क्योंकि पुल की रेलिंग काफी समय से टूटी हुई पड़ी है। कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।

- साजिद खान रहवासी सलामतपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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