सांचेत। कस्बा सांचेत से अंडोल मार्ग पर बनी हुई पुलिया दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रही है। जसवंत लोधी व गरीब सिंह ने बताया कि दो साल पहले पुलिया के सिरे पर बड़ा गड्ढा हुआ था। लेकिन आज तक नहीं भरा नहीं है। प्रधानमंत्री सड़क मार्ग का निर्माण तो हुआ, लेकिन अधिकारी यह भूल गए कि इस पुलिया का निर्माण यदि नहीं हुआ तो सड़क बनाने का क्या लाभ। क्योंकि वर्षाकाल में इस मार्ग से निकलने वाले वाहन पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाएगी।

यदि पुलिया पर पानी हुआ तब भी रास्ता वाहनों के लिए मुश्किल भरा होगा। इसके बावजूद भी इस क्षतिग्रस्त पुलिया की ओर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया है। जिसके कारण यह रास्ता कभी भी वर्षाकाल में अधिक वर्षा के दौरान बंद हो सकता है।सांचेत से अंडोल की ओर जाने वाली इस सड़क मार्ग इस सड़क मार्ग पर प्रतिदिन दर्जन ग्रामों के निवासी अपने वाहनों से गुजरते ही हैं। वहीं इस पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन भी इस मार्ग से काफी संख्या में गुजरते है। यहां पुलिस के पास एक बड़ा गड्ढा हो गया है। दो साल पहले दशहरे के समय इस गड्ढे में मुरम और बोल्डर भर दिए थे। परन्तु यह मुरम और बोल्डर भी नाले में पानी के बहाव के कारण बह गया है। और वह गड्ढा पुनः वैसा का वैसा हो गया है। वर्षा के कारण पुलिया के दोनों ओर की मिट्टी भी कट गई है। जिससे यह पुलिया जर्जर हो चली है। इस पुलिया से कभी भी बड़ा हादसा होने की संभावनाएं अधिक बढ़ गयीं है। न तो सड़क के गड्ढे भरने पर तो ध्यान दिया गया है, परन्तु इस पुलिया के क्षतिग्रस्त होने पर उसके निर्माण पर विभाग का आज तक ध्यान नहीं है। इस मार्ग की स्थिति यह है कि दोनों ओर से सड़क ऊंची है और पुलिया नीची है। वर्षाकाल के दौरान जल्द ही पुलिया के दौरान पानी आ जाता है जिससे सांचेत अंडोल मार्ग पर सड़क मार्ग बंद हो जाता है। मार्ग बंद होने की वजह से लोगों को आने जाने में मुसीबतों का सामना करना पड़ता है वर्तमान में जो पुलिया है उस पुलिया के ऊपर कोई स्लेप नहीं है। इस पत्थर की किंचारियों से भरा गया है। पुलिया के कोने पर एक बड़ा गड्ढा हो गया है। यह गड्ढा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले दो साल से यहां ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग की ओर से इस सड़क मार्ग पर डामरीकरण किया गया, लेकिन यह डामरीकरण भी कई किस्तों में पूरा हो सका। हमेशा सड़कों के मामले में एक बड़ी कमी देखने मिली है कि यहां पहले सड़कों का निर्माण होता है उसके बाद में पुलिया बनाई जाती है जबकि पुलियों का निर्माण होना चाहिए उसके बाद सड़क बनाई जाना चाहिए किन्तु इस मार्ग पर सड़क बनी है, पुलिया नहीं बनी। जिससे वर्षाकाल में यह पुलिया जानलेवा साबित हो सकती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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