मलावर। मलावर के समीप ग्राम देवखेड़ी में प्राथमिक विद्यालय के बच्चे देव स्थान पर पेड़ के नीचे बैठ कर पढ़ाई करते पुराने दौर को ताजा कर रहे हैं। एक और जहां शासन सीएम राइज वा उत्कृष्ट विद्यालय खोलकर शिक्षा उत्कृष्ट बनाने जा रही है। तो वहीं दूसरी ओर प्राथमिक विद्यालय देवखेड़ी के छात्र व छात्राएं खुले आसमान के नीचे देवस्थान पर पढ़ने को मजबूर हैं। यह छोटे-छोटे बच्चे नीम के पेड़ के नीचे बैठकर अपना भविष्य गढ़ रहे हैं और जिम्मेदारों को यह सब नजर नहीं आ रहा है। जिम्मेदारों को एहसास भी नहीं है कि उच्च शिक्षा मंत्री के प्रभार वाले जिले में जब शिक्षा के हालात इस तरह के हैं तो अन्य जगह क्या स्थिति होगी। यह अंदाजा लगाया जा सकता है। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक नंद किशोर साहू से बात करने पर उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए एक कमरा है जहां पहली से पांचवी कक्षा के बच्चे एक साथ बैठकर पढ़ाई करते हैं। जिसकी वजह से बच्चे भी ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। उक्त कमरे में भी इस समय स्कूल के लिए शौचालय बनाने का काम चल रहा है और कमरे में निर्माण सामग्री रखे होने के चलते बच्चों को बाहर नीम के पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। जो भी हो लेकिन नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। ग्रामीण मनोहर नागर, जितेंद्र नागर, कैलाश नागर ने बताया कि अगर बच्चों की संख्या को देखते हुए एक भवन और बन जाता तो बच्चे आसानी से अलग-अलग जगह बैठ कर पढ़ाई कर पाते। वहीं जब इस बारे में संकुल प्राचार्य हितेंद्र नागर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि खुले में बिठाकर बच्चों को पढ़ाना गलत है । बच्चों को स्कूल भवन में ही पढ़ाना चाहिए निर्माण सामग्री और कहीं रखवानी थी। आपने बताया मैं जन शिक्षक को भेजकर दिखवाता हूं। इस संबंध में प्रधानाध्यापक नंद किशोर साहू ने बताया कि मध्यान भोजन योजना सूची में 51 बच्चे सूचीबद्ध हैं। लेकिन मौके पर विद्यालय में केवल 9 बच्चे ही उपस्थित थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें भी मेनू अनुसार मध्यान भोजन नहीं मिलता है। इस और प्रशासन को शीघ्र ही ध्यान देना चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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