राजगढ़ (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भोज मुक्त विश्र्वविद्यालय द्वारा आयोजित की गई स्नातक की परीक्षाओं के बाद बिना सत्रीय उत्तर पुस्तिकाओं व कुछ वार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच किए बिना ही काउंटर फाइल के आधार पर रिजल्ट जारी करने व छह माह से अधिक समय बाद भी उत्तर पुस्तिकाओं को विवि में जमा नहीं कराने की जांच पूरी हो गई है, हालांकि जांच में क्या आया यह बताने से कालेज प्रबंधन बचता रहा।

जानकारी के मुताबिक भोज मुक्त विश्र्वविद्यालय भोपाल द्वारा शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के माध्यम से बीए व बीएससी प्रथम, द्वितीय व अंतिम वर्ष 2021 की पत्राचार परीक्षा जून-जुलाई 2021 में आयोजित की गई थी। कोरोना के चलते ओपन बुक पद्धति से परीक्षा आयोजित कर विद्यार्थियों से उत्तर पुस्तिकाएं कालेज में जमा कराई थी। इसके अलावा प्रायोगिक परीक्षा की सत्रीय उत्तर पुस्तिकाओं को भी जमा कराया गया था। ऐसे में उत्तर पुस्तिकाओं की स्थानीय स्तर पर जांच होने के बाद विद्यार्थियों को मिलने वाले अंकों की जानकारी कालेज प्रबंधन को काउंटर फाइल के जरिये भोपाल भेजना थी। ऐसे में पीजी कालेज राजगढ़ से बाकायदा काउंटर फाइल भी विद्यार्थियों के विषयवार अंक चढ़ाकर भेज दी थी। उसी आधार से भोज विवि द्वारा परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया था, लेकिन जब 14 अगस्त 2021 को कालेज से एक टीम उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर विश्र्िवद्यालय ले जाया गया तो वहां से विवि प्रबंधन ने कुछ उत्तर पुस्तिकाएं बिना मूल्यांकन की होने, सत्रीय उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं होने, बेतरतीब जमा होने सहित अन्य खामियों को लेकर वापस लौटा दी थी। वहां से कापियां आने के बाद भी यहां उनको न जांचा गया व न फिर विवि भेजा गया। ऐसे में लम्बा समय बीतने के बाद भोज ने जानकारी मांगी तो यहां आनन फानन में कालेज प्राचार्य आरके शर्मा ने पांच सदस्यों की जांच टीम गठित कर जांच कराई है। सीनियर प्रोफेसर डा मंगलेश सोलंकी की अगुवाई में जो जांच टीम बनाई उसमे आशुतोष सिंह व जयश्री गुप्ता सहित 5 प्रोफेसरों को शामिल किया गया था। उनके द्वारा मामले की जांच कर प्राचार्य को रिपोर्ट सौंप दी है। जांच पूरी हो गई लेकिन जांच में क्या पाया गया यह बताने से कालेज प्रबंधन बचता नजर आ रहा है। जांच में किसकी गलती रही यह बताने से फिलहाल जिम्मेदार बचते रहे।

दो संकाय की 5 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का है मामला

जानकारी के मुताबिक भोज विवि के तहत बीए व बीएससी की दो संकायों की 5 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का यह मामला है। करीब 450 विद्यार्थियों द्वारा उक्त परीक्षा दी गई थी। ऐसे में सत्रीय व वार्षिक परीक्षाओं का शत प्रतिशत मूल्यांकन के बाद ही रिजल्ट जारी होना था, लेकि बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के बिना ही रिजल्ट जारी कर दिया।

जो रिजल्ट जारी हुआ है वह काउंटर फ़ाइल के आधार पर हुआ है। कुछ सत्रीय कापियां जांचने से रह गई होंगी तो उसकी जांच के लिए प्राचार्य महोदय ने जांच टीम बनाई थी।

रामगोपाल दांगी, भोज परीक्षा प्रभारी पीजी कालेज राजगढ़

रिजल्ट तो काउंटर फाइल के आधार पर जारी किया है। सत्रीय परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं आदि की जांच नहीं होने के चलते हमने पांच सदस्यों की टीम बनाई थी, जांच पूरी हो गई है। अब रिपोर्ट तैयार होना है।

आरके शर्मा, प्राचार्य पीजी कालेज राजगढ़

Posted By: Nai Dunia News Network

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