4 बीआरओ 4ः कथा का श्रवण करती महिला श्रद्घालु

सुठालिया । यदि आपका मन भगवान में नहीं लगता तो एक हजार बार भी भागवत कथा सुनने का महत्व नहीं रह जाता। अपने मन को संसार के विषयों से हटाकर मन के भजन से ही आपको सद्गति मिलेगी।

उक्त उद्गार भागवत कथा प्रवक्त ा ने स्थानीय मधुसुदनगढ़ रोड पर स्थित सिंधी जी की बाड़ी में कथा रसपान कराते हुए व्यक्त किए। चौधरी परिवार पारसाना वालों द्वारा कराई जा रही संगीतमय भागवत कथा के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित हुए।

आचार्य ने कहा कि दूसरों की बुराई खोजने के बजाय अपने में बुराई देखें। दूसरे की बुराई करने की बजाय उतना समय भगवान के भजन में लगाएं, भगवान की भक्ति प्राप्त करें॥ ईश्वर श्रद्धा का विषय है, संदेह का नहीं, भगवान में विश्वास रखें। जो भक्ति करेगा उसे ही परमात्मा मिलेंगे। ईश्वर तर्क का विषय नहीं, भगवान भक्तों का वचन जरूर पूरा करते हैं। लेकिन भक्त ों के मन में श्रद्धा और विश्वास होना बहुत जरूरी है। इसलिए भगवान की भक्ति विश्वास के साथ करें भक्तों का विश्वास भगवान टूटने नहीं देते विश्वास हो तो भगवान जरूर आते हैं। जिस तरह मीरा और भक्त प्रहलाद को अपने गोविंद पर विश्वास था तो मीरा का दिया जहर अमृत बन गया और प्रहलाद के बुलाने पर भगवान खंभे में से प्रकट हुए, इसीलिए विश्वास बहुत ही बड़ी चीज है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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