करेड़ी व खुजनेर में मिलाकर पांच दुकानों पर लिए खाद के सैंपल, जांच के लिए जाएंगे उज्जैन

राजगढ़। इन दिनों जिले में बड़े स्तर पर बोवनी के लिए किसानों द्वारा खाद एवं बीज क्रय किया जा रहा है। किसानों द्वारा शासकीय उचित मूल्य की दुकानों एवं बाजारों से खाद बीज क्रय किया जा रहा है। मिलावटी एवं अमानक स्तर के खाद के विक्रय की जानकारी लगने के बाद कृषि विभाग राजगढ़ की टीम ने गुरुवार दोपहर में करेड़ी एवं खुजनेर में खाद की दुकानों पर छापामार कार्रवाई की। करेड़ी में जैसे ही छापे डाले गए उसी के साथ कई दुकानदार दुकानें बंद करके भाग निकले।

कृषि विभाग को अंदेशा था कि अमनाक स्तर की खाद का विक्रय दुकानों पर खुले में किया जा रहा है। ऐसे में गुरुवार को कृषि विभाग की टीम ने प्रहलादसिंह, सहायक संचालक कृषि विभाग की अगुवाई में करेड़ी में पहले छापामार कार्रवाई की। जैसे ही उन्होंने छोटी दुकानों पर छापामार कार्रवाई शुरू की उसी के साथ बड़े दुकानदारों को दुकानें बंद करके भागने का मौका मिल गया। यहां पर करीब 6 दुकानों पर छापे मारे हैं। इस कार्रवाई के दौरान 6 से 8 दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों की शटरें गिराकर भाग निकले। इसके अलावा यहां के बाद शाम के समय खुजनेर में दो दुकानों पर भी छापामार कार्रवाई की है। यहां पर भी छापे की भनक लगने के साथ ही कई दुकानदार सजग हो गए और दुकानें बंद कर गायब हो गए। इस कार्रवाई में एसडीओ, कार्यालयीन सहायक संचालक, संबंधित आरईओ आदि की टीम मौजूद थी।

पांच दुकानों के लिए सैंपल, होगी जांच

छापामार कार्रवाई के दौरान करेड़ी एवं खुजनेर में मिलाकर पांच दुकानों पर से खाद के सैंपल भी लिए हैं। फर्टिलायजर लिमिटेड के खाद डीएपी एवं यूरिया सहित अन्य खाद के सैंपल लिए गए। जिन दुकानों के खाद के सैंपल लिए हैं उन्हें जांच के लिए उज्जैन स्थित लैब में भेजा जाएगा। जानकारी के मुताबिक करेड़ी में सुभम कृषि सेवा केन्द्र, नेशनल कृषि सेवा केन्द्र गुप्ता कृषि सेवा केन्द्र पर पहुंचकर वहां खाद के सेंपल लिए हैं जबकि खुजनेर में नागर ट्रैडर्स, महेश्वरी ट्रैडर्स पर दुकानों के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा अन्यच दुकानों पर भी टीम पहुंची थी, लेकिन कुछ स्थानों पर सैंपल नहीं लिए। उसके पीछे माना जा रहा है कि वहं ग़डबड़ी की आशंका कम है।

जो बंद करके भागे, वहा अचानक होगी कार्रवाई

कृषि विभाग की टीम की मानें तो जो दुकानदार अचानक से अपनी-अपनी दुकानें बंद करके गायब हुए हैं उन दुकानों पर आने वाले दिनों में फिर से अचानक से कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दुकानदारों को छोड़ा नहीं जाएगा। विभागीय टीम का मानना है कि शटरें बंद करके भागने का मतलब है कि इनके यहां भी कुछ न कुछ ग़डबड़ी चल रही थी। ऐसे में ऐसे दुकानदारों के ठिकानों पर अचानक से कभी भी छापेमार कार्रवाई की जा सकती है।

जब अधिकांश किसान कर चुके खरीदी, तब जागा विभाग

जिले में जब अधिकांश किसान बोवनी के लिए खाद की खरीदी कर चुके हैं, तब जाकर कृषि विभाग की टीम को अमानक स्तर के खाद के खिलाफ कार्रवाई करने की याद आई है। जिले के अधिकांश किसान फिलहाल खाद की खरीदी कर चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में खाद क्रय होने के बाद विभाग को याद आई है कि कहीं बाजारों में अमानक स्तर का खाद तो नहीं बिक रहा है। ऐसे में जो किसान जांच के पहले ही खाद क्रय कर चुके यदि उन दुकानों का खाद लैब में जांच के दौरान अमानक साबित हुआ तो फिर उन किसानों की भरपाई कौन करेगा।

बड़े विक्रय वाले शहरों को छोड़, कस्बों में दबिश

जिले के कई बड़े ऐसे शहर है जहां पर बड़े स्तर पर अमानक स्तर के खाद का कारोबार किया जाता है। ऐसे में कृषि विभाग की टीम द्वारा ऐसे में बड़े शहरों व बड़े कारोबारियों को छोड़ेते हुए छोटे कस्बों में व वहां पर भी कम विक्रय वाले दुकानों पर दबिश् दी है। ऐसे में यदि बड़े शहरों में अधिक विक्रय वाले प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की गई होती तो बड़े स्तर पर जिले में अमानक खाद का खोल उजागर हो सकता था।

इनका कहना है

हमने करेड़ी एवं खुजेनर में कुछ दुकानों पर छापे मारे हैं, जिसमें से दोनों जगह पांच दुकानों के सैंपल लिए हैं जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजे जाएंगे। कुछ दुकानदारों के शटरें बंद करके भागने की स्थिति में फिर से कभी भी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसा देखकर कार्रवाई नहीं की है कि कौन व्यापारी बड़ा है व कौन छोटा है।

प्रहलादसिंह, सहायक संचालक कृषि विभाग राजगढ़

फोटो 0711 आरएजे 03 राजगढ़। कृषि विभाग की टीम ने की छापामार कार्रवाई।

Posted By: Nai Dunia News Network