- खबर छपने के बाद आदेश का पालन शुरू

सचित्र एसआरपी 20 नवदुनिया में 8 सितम्बर को प्रकाशित खबर।

21 मंडी में रखा गायो को।

22 गायों की व्यवस्थित देखरेख के लिए कर्मचारियों को निर्देशित करते सीएमओ श्रीसक्सेना।

सारंगपुर। नवदुनिया न्यूज

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी निधि निवेदिता ने पशुओं से हो रही दुर्घटनाओं एवं गोवंश को हो रही परेशानियों को मद्देनजर विगत 4 सितंबर पशुपालकों के विरूद्घ जिलेभर में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये थे, जिसमें पशुओं को खुला छोड़ने पर पशु मालिकों को छः माह तक का कारावास और जुर्माने से दंडित करने की बात कही गई है। 16 सितंबर तक के लिए प्रभावी इन आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने मवेशियों, गायों को सड़क पर खुला नहीं छोड़ सकता, पशुओं का अवैध परिवहन प्रतिबंध, पशु चराते समय यातायात अवरूद्घ न करने, सार्वजनिक स्थलों पर पशु मालिक अपने पशुओं को नहीं छोड़ने की आदेश हैं। अवहेलना करने पर धारा-188 के अंतर्गत कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे जिसका पालन नहीं होने के बाद नवदुनिया ने 8 सितम्बर को प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया गया था जिसका असर यह हुआ है कि शहर में सड़क पर भटकती गायो की व्यवस्था में नगरपालिका प्रशासन एवं राजस्व प्रशासन जुटा नजर आ रहा है।

मंडी में एकत्रित की 800 गाये

शुक्रवार को नगरपालिका प्रशासन ने सीएमओ महेश सक्सेना के मार्गदर्शन में नगर में विचरण करती गायो को एकत्रित कर कृषि उपज मंडी परिसर में रखा और उनके लिए पर्याप्त चारा पानी की व्यवस्था भी की। सीएमओ महेश सक्सेना ने बताया कि हमें एक सप्ताह तक गायो के संरक्षण व खाने-पीने की व्यवस्था के लिए कलेक्ट्रेट से 20 हजार रुपए फंड प्राप्त हुआ है। मंडी में हमारे 6 कर्मचारी तैनात है जो गायो को चारा-पानी करा रहे है।

गोशाला से छोड़ते हैं गायों को गोसेवक

सीएमओ श्रीसक्सेना ने बताया कि हमने पहले कलेक्टर के निर्देशानुसार भटकती 200 से ज्यादा गायो को स्थानीय कपिलेश्वर गोशाला में पहुंचाया। इधर, हम गायो को गोशाला भिजवाते है और शाम को वह के लोग जो खुद को गोसेवक कहते है वह उन्हें पुनः शहर में भटकने के लिए छोड देते है। इससे गायो और नागरिको को परेशानी आ रही है। इसको देखते हुए कलेक्टर साहब के निर्देश पर गायो को व्यवस्थित स्थान पर रखा गया है और उन्हें पर्याप्त सुविधा हमारे द्वारा दी जा रही है। गायो की व्यवस्था देखने के लिए नायब तहसीलदार केएल चौहान, पटवारी अतुल सक्सेना एवं राजस्व प्रशासन की टीम ने निरीक्षण कर व्यवस्था पर संतुष्टि जाहिर की।

शहर में चप्पे-चप्पे पर गायो का जमावड़ा, नहीं दिख रहा आदेशो का असर

गौरतलब है कि ग्रामीणों द्वारा गांव से शहर में लाकर छोड़े जा रहे बेसहारा मवेशी, हाईवे से लेकर शहर के मुख्य बाजारों में लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इन बेसहारा मवेशियों के कारण जहां हाईवे से लेकर शहर का ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है, वहीं इन मवेशियों के कारण हादसे हो रहे और लोग घायल हो रहे थे। जिसको लेकर नवदुनिया ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर प्रशासनिक अमले का ध्यानाकर्षण कराया था।