राजगढ़। हनी ट्रैप मामले में पकड़ी गई मोनिका यादव मूल रूप से नरसिंहगढ़ के सवास्या गांव की रहने वाली है। उसके पिता किसान हैं, जिनके पास 5-6 बीघा जमीन है। इसी जमीन पर पूरा परिवार निर्भर है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। बीएससी की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मोनिका करीब दो साल पहले भोपाल चली गई थी। उसकी पढ़ाई का खर्च भी परिजन उठा रहे थे। इसी बीच भोपाल में रहते मोनिका की मुलाकात आरती दयाल से हो गई और हनी ट्रैप मामले में पुलिस की गिरफ्त में आ गई।

हनी ट्रेप मामले में छतरपुर पहुंची क्राइम ब्रांच

इधऱ हनी ट्रेप मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच टीम ने शनिवार को सरगना आरती दयाल के छतरपुर स्थित घर पर दबिश दी। सूत्रों का कहना है कि यहां से कुछ अहम जानकारियां जुटाई गईं हैं, हालांकि जिला पुलिस के अधिकारियों ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया है।

इंदौर के चर्चित मामले को लेकर क्राइम ब्रांच इंदौर को सूचना मिली है कि आरती दयाल ने अपने छतरपुर स्थित घर में कुछ बड़े सबूत छिपा कर रखे हैं जिनमें छतरपुर के कुछ नेताओं, व्यापारी, अधिकारियों के अलावा भोपाल के सफेशपोशों के साथ उसके संबंधों की बात सामने आ सकती है।

यही वजह है कि क्राइम ब्रांच छतरपुर में सावधानी से सर्चिंग कर रही है। सूत्र बताते हैं कि शनिवार को यहां पहुंची क्राइम ब्रांच इंदौर की टीम आरती दयाल के परिजनों को तलाशती रही, लेकिन घर में किसी भी व्यक्ति की मौजूदगी नहीं होने के कारण पूछताछ नहीं हो सकी।

करीब एक घंटे की बाहरी तलाशी के बाद क्राइम ब्रांच मीडिया को देखकर वापस निकल गई। टीम ने पहले कार तो बाद में बाइक से भी यहां पहुंचकर मौके की स्थिति को समझा। अभी भी टीम छतरपुर में ही बताई जा रही है।

इनका कहना है -

- छतरपुर में क्राइम ब्रांच टीम आई है या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। टीम ने यहां आकर कोई सूचना देने या सहयोग लेने के लिए नहीं कहा है। हमसे कोई मदद नहीं ली गई है। - तिलक सिंह, पुलिस अधीक्षक, छतरपुर