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रोजगार सहायक ने कहा- सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर कर प्रतिनिधि निकालता है राशि

कलेक्टर तक पहुंचा पंचायत में गड़बड़ी की शिकायत का मामला

सचित्र एसआरपी 4 ग्राम पंचायत पड़ाना कार्यालय।फोटोःनवदुनिया।

8 पंचायत समन्वयक हरिओम शर्मा के नेतृत्व में पंचायत में जांच-पड़ताल करता जांच दल। फोटोःनवदुनिया।

पड़ाना।नवदुनिया न्यूज

राजगढ जिले की सबसे बड़ी पड़ाना ग्राम पंचायत में पिछले साढे चार सालों से वित्तीय गड़बड़ी सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक ने मिलजुलकर की इसकी पोल अब वह खुद कमिशन के बंटवारे में आई असंतुष्टि के कारण एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है। सचिव तो स्थानांतरित हो चुके है लेकिन सरपंच एवं रोजगार सहायक अब एक दूसरे पर वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत जिलास्तर तक कर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे है कि कहा-कहां और किस प्रकार वित्तीय अनियमितता कर सरकार और जनता को चुना लगाया गया। सरपंच ने जहां कलेक्टर निधि निवेदिता से रोजगार सहायक पर सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर करने, शौचालय के हितग्राहियों को दोबारा लाभ दिलान एवं 14वें वित्त की राशि की राशि में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए है। तो वही सरपंच पर भी एक ही मार्ग पर लाखो रुपए की राशि आहरण कर बार-बार काम करने, रेत, गिट्टी, सीमेंट, सरिया तथा मोटर पंप खरीदने के फर्जी बिल लगाने तथा सरपंच प्रतिनिधि द्वारा सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों रुपए की राशि का आहरण करने की शिकायत की जा चुकी है की जिसकी बारिकी से जांच अति आवश्यक है। दोनो की शिकायत पर जिलास्तर से जांच कमेटी गठित तो हो चुकी है लेकिन अभी तक जांच में कोई परिणाम नहीं निकला है, जबकि पड़ाना की जनता जानना चाहती है कि सरपंच प्रतिनिधि एवं रोजगार सहायक एक दूसरे पर स्वंय ही राशि हजम करने की शिकायत कर रहे है तो फिर जांच के नाम पर औपचारिकता क्यूं निभाई जा रही है, आखिर कार्यवाही क्यूं नहीं की जा रही है। जनता का कहना है कि गांव के विकास, हितग्राहियों के हित के लिए आई राशि में गड़बड़ी करने वालो पर सख्त से सख्त कार्यवाही जरुरी है ताकि पंचायत स्तर से भ्रष्टाचार पर लगाम लगे। लोगों का कहना है कि यदि पंचायत में उजागर हुई इन स्पष्ट शिकायतो पर कार्यवाही नहीं हुई तो फिर जनता का विश्वास नियम-कानून से सीधे-सीधे उठ जाएगा, और जो गड़बड़ी करते है उनके हौंसले और अधिक बुंलद होंगे।

यह है वित्तीय गड़बड़ी

पड़ाना कस्बे में 4 लाख रुपए की सडक मुख्य बाजार से होली टेकरा तक वर्ष 2017 में पंचपरमेश्वर योजना से बनाना थी लेकिन वर्षो पहले राशि आहरण करने के बाद इसे 2019 में बनाया गया, जबकि सूत्रो की माने तो इसको बनाने के लिए चार बार राशि निकाल ली गई। इस मार्ग के लिए पंचायत ने पहली बार 4 लाख, दूसरी बार 2 लाख 47 हजार, तीसरी बार चार लाख रुपए तथा चौथी बार 4 लाख 41700 रुपए पुनः जपं निधि से होली टेकरा की उक्त सडक के नाम से राशि का आहरण कर लिया गया। इसी तरह सरपंच प्रतिनिधि पर पड़ाना पटेल ट्रेडर्स से खरीदी ट्रेडर्स से खरीदी गई रेत और गिट्टी पर 3 से 4 हजार रुपए प्रति ट्रीप परिवहन किराया के बिल आहरण कर लिए गए। जबकि पटेल ट्रेडर्स के कई फर्जी बिल लगाने की शिकायतें भी सामने आ रही है। इसी तरह सरपंच प्रतिनिधि पर सरपंच रामकन्या बाई माली के फर्जी हस्ताक्षर स्वंय कर लाखों की राशि आहरण करने के भी आरोप लगे है जिसकी जांच जारी है।

सरपंच कर चुकी है रोजगार सहायक पर फर्जी हस्ताक्षर कर राशि आहरण करने की शिकायत

सरपंच रामकन्या बाई माली ने ग्राम पंचायत पड़ाना के रोजगार सहायक रामबाबू गुर्जर पर मनमानी करने, सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर से राशि आहरण करने सहित शौचालय निर्माण में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से लिखित शिकायत की है। सरपंच ने रोजगार सहायक पर पंचपरमेश्वर, सीसी रोड निर्माण कार्य में फर्जी मस्टर भरकर अपने परिवार के बैंक खाते में लगभग 7 लाख रुपए निकालने की शिकायत दर्ज कराई है।

बोले जिम्मेदार

झूठी शिकायते की जा रही है, किसी तरह से कोई फर्जीवाडा, फर्जी हस्ताक्षर या फिर वित्तीय गड़बड़ी नहीं की गई है। नियमानुसार ही काम कराए गए है। द्वेषतापूर्वक झूठे आरोप लगाए जा रहे है।

जसंवतसिंह माली, सरपंच प्रतिनिधि, ग्रापं, पड़ाना।

14वें वित्त से सीसी रोड बनाने पर 15 प्रतिशत राशि मनरेगा सहित स्वीकृत होती है। उसी के बाद राशि आहरण की गई है। सरपंच द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार है। कार्य करने पर ही भुगतान खातो में जमा किया गया है। सरपंच पति द्वारा ही सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर किए गए है। मेरे द्वारा सभी कार्य नियमानुसार किए गए है।

रामबाबू गुर्जर, रोजगार सहायक, ग्रापं, पड़ाना।

हम तीन-चार शिकायत और प्रभारी मंत्री स्तर से प्राप्त शिकायतो की जांच करने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशो पर पंचायत कार्यालय पहुंचे है और सभी शिकायतो की जांच बिंदुवार तरीके से की जा रही है। जांच उपरांत प्रतिवेदन उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।

पं हरिओम शर्मा, जांच कर्ता एवं पंचायत समन्वयक, जपं, सारंगपुर।

जिलास्तर से गठित दल अपने स्तर पर जांच-पडताल करेंगा, हमारा इसमें हस्तक्षेप नहीं है। जो भी निर्देश वरिष्ठ अधिकारी देंगे उसका पालन करेंगे।

मुकेश जैन, सीईओ, जपं, सारंगपुर।

Posted By: Nai Dunia News Network