सारंगपुर(नवदुनिया न्यूज)। स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सारंगपुर सेवाकेंद्र पर संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा का पुण्य स्मृति दिवस आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परमात्म स्मृति के साथ अतिथियों पूर्व विधायक गौतम टेटवाल, वरिष्ट समाजसेवी मांगीलाल सोलंकी, वरिष्ट एडवोकेट ओमप्रकाश राठौर, लायन्स अध्यक्ष प्रदीप जोशी, लायन्स क्लब के पू.रीजन चेयर पर्सन महेश शर्मा, सरस्वती ज्ञान मंदिर के प्राचार्य रामविलास यादव, स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी भाग्यलक्ष्मी, ब्रह्माकुमारी प्रीति दीदी ने दीप प्रज्वलन की मंगल बेला और कविता पाठ के माध्यम से किया गया। मातेश्वरीजी को माल्यार्पण कर मातेश्वरीजी के आदर्शो को जीवन में उतारने का संकल्प किया। मुख्य अतिथि लायंस क्लब के पूर्व रीजन चेयर पर्सन महेश शर्मा ने कहा कि मातेश्वरीजी का जीवन सादगी, सरलता, निर्भयता और तपस्यामय था उनका व्यक्तित्व और कृतित्व सहज ही लोगों को अच्छाइयों को अपनाने के लिए प्रेरित करता था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी भाग्य लक्ष्मी दीदी ने कहा कि यज्ञ माता मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की दृष्टि, वृत्ति और कर्म अलौकिक थे, उन्होंने आध्यात्म की राह को सुगम और सरल रूप से बनाया।जिसका अनुकरण लाखों लोग कर रहे हैं। उन्होंने 16 वर्ष की आयु में अपना सर्वस्व परमात्मा शिव को समर्पित कर विश्व कल्याण हेतु अपना जीवन जिया। श्री टेटवाल ने कहा कि मातेश्वरीजी ज्ञान और ममता की वो प्रतिमूर्ति थी कि लोग सहज ही उनके ममत्व को अनुभव कर ईश्वरीय ज्ञान में चलने लग पड़ते थे। उन्होंने कहा कि यहां आने पर हमें अपनी बुराइयों को त्यागने का भाव और शक्ति सहज मिलती है। मैंने स्वयं भी इसका अनुभव किया है। रामविलास यादव ने शक्ति स्वरूपा शांत चित्त बेहद और अलौकिक स्नेह से संपन्ना मातेश्वरी जगदम्बा जिनको प्यार से सभी मम्मा पुकारते थे। उन्होंने ईश्वरीय कार्य के निमित्त बन प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में अपने दायित्वों का भली प्रकार निर्वाहन कर परमात्मा शिव के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने में अद्वितीय भूमिका निभाई। हम भी उनके आदर्शों को ग्रहण कर स्वयं को अनुभवीमूर्त बना सकते हैं। नगर के वरिष्ट समाज सेवी भ्राता मांगीलाल सोलंकी ने कहा कि भगवान ने गीता में अर्जुन को कर्म का ही महत्व बताया और ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रमों से हमको श्रेष्ठ कर्मो की सीख मिलती है। अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में अपनी शुभकामनाएं दीं। ब्रह्माकुमारी बहनों ने तिलक, पुष्प और बैज से अतिथियों का स्वागत किया। कु. अर्पिता पुष्पद ने सुंदर नृत्य प्रस्तुति दी। अमित भाई ने कविता पाठ किया।और माखन भाई न मां की ममता के लिए स्नेह भरे संगीतमय गीत की प्रस्तुति दी। आभार विद्याधर कुंभकार ने किया। ईश्वरीय परिवार के सदस्यों ने तन मन धन से अपना सहयोग देकर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस अवसर पर प्रसादी वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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