राजगढ़। कोविड-19 के खतरे को देखते हुए मार्च के माह से ही कुछ पदों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्तियां की गई थी। उनमें से करीब आधे कर्मचारियों को अब नवंबर के अंत में हटा दिया गया है। इसी से नाराज होकर शेष बचे कर्मचारियों ने भी राजग़ढ सहित पूरे मध्य प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल का रूख अख्तिायार कर लिया है। जिसके चलते अब कोविड से जु़डा हुआ काम काज बड़े स्तर पर बाधित होने का खतरा मंडराने लगा है।

जानकारी के मुताबिक मार्च माह में जैसे ही कोरोना के आने का अंदेशा व्यक्त किया गया था उसी दौरान राज्य शासन द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में कोविड के दौरान उपचार करने एवं पहले से पदस्थ स्टॉफ की मदद करने के लिए सैंकडों पदों पर अस्थाई समय के लिए नियुक्तियां की गई थी। उसी के तहत राजगढ़ जिले में भी मार्च माह में लैब टेक्निश्यिन, स्टॉफ नर्स, सपोटिंग स्टॉफ, एएनएम, फार्मासिस्ट सहित अन्य पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके बाद से ही करीब 104 कर्मचारी योग्यता के आधार पर अपने-अपने कार्य में लगे हुए थे, लेकिन इस सबके बीच 28 नवंबर को उनमें से करीब 49 कर्मचारियों को उनकी जरूरत न होने का हवाला देकर हटा दिया गया। इसी से नाराज होकर सैंकड़ों कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध व्यक्त करते हुए कलेक्टर एवं सीएमएचओ को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें उन्हें फिर से उक्त पदों पर बनाए रखने की मांग की है।

काम बंद कर ह़डताल पर गए कर्मचारी

28 नवंबर को जैसे ही कोविड के तहत रखी गई सभी एनएनम, फार्मासिस्ट स्टॉफ सहित अन्य कर्मचारियों में से करीब 49 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया तो करीब शेष बचे 55 कर्मचारियों ने भी विरोध स्वरूप हडताल का रूख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर एवं सीएमएचओ को संबोधित सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि हमारे साथियों को अनावश्क रूप से बााहर करने से वह आहत है, इसलिए सभी कर्मचारी अब अपना काम बंद करके अनिश्चित समय के लिए हड़ताल पर जा रहे हैं। इसी के तहत शनिवार से कर्मचारियों ने कोविड से जुड़ा हुआ काम बंद कर दिया।

इधर बढ़ रहे मरीज, उधर हटा दिए कर्मचारी

पूरे देश में जहां सर्दी को देखते हुए एक बार फिर से मरीजों के बढने का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर कोविड के लिए रखे गए कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। कोविड केस रोकने के लिए पुलिस, प्रशासन द्वारा मास्क लगाने से लेकर चालान बनाने व जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को कम किया जा रहा है। स्वास्थ्य के जानकारों की मानें तो ब़ढते केसों के बीच कर्मचारियों को कम करना गलत निर्णय हो सकता है।

पूरे मध्य प्रदेश में कर्मचारियों ने की हड़ताल शुरू

अपने साथी कर्मचारियों को हटाने से नाराज होकर पूरे प्रदेश में कोविड के तहत रखे गए कर्मचारियों ने अनिश्चितकाल के लिए ह़डताल का रूख कर लिया है। जो कर्मचारी बचे हुए थे उन्होंने भी काम करने से इंकार करते हुए हड़ताल शुरू कर दी है। जिसके चलते कोरोना के ब़डते केसों के बीच में प्रदेश में बड़ी दिक्कत खड़ी हो सकती है।

इनका कहना है

उन्हें हटाने का निर्णय हमारे स्तर का नहीं है। 1 दिसंबर से कुछ पद कम करने के ऊपर से ही निर्देश हैं। शेष कर्मचारियों के ह़डताल पर जाने से व्यवस्थाएं तो गड़बड़ा रही है, लेकिन यह ह़डताल भी पूरे प्रदेश में उन्होंने की है। उनकी यूनियन की भोपाल में ही कुछ बात वरिष्ठ अधिकारियों से होगी।- डॉ एस यदु, सीएमएचओ राजगढ़

Posted By: Prashant Pandey

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