सारंगपुर(नवदुनिया न्यूज)। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सारंगपुर विकासखंड के किसान प्याज के ही आंसू रो रहे हैं। एक बार फिर विभाग की संवेदनहीनता से बड़े व्यवसायी गरीब किसानों की मजबूरियों का जमकर दोहन कर रहे हैं। वर्तमान सुदूर गांवों में प्याज पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल से भी कम दर पर बेचे जा रहे हैं, जबकि उसी प्याज को व्यापारी 8 सौ से हजार रुपये प्रति क्विंटल बेचकर पब्लिक की दोतरफा हजामत बना रहे हैं और संबंधित विभाग सिर्फ तमाशाई बना है।

प्याज उत्पादक है क्षेत्र सारंगपुर

सारंगपुर क्षेत्र में इस दफे भी साढे 700 हेक्टेयर में प्याज का उत्पादन हुआ है। किसान संतोष धनगर ने कहा कि इस बार प्याज उत्पादन हुआ है और 1 बीघा में लगभग 40 क्विंटल प्याज का उत्पादन का यह रिकार्ड अपने नाम किया था। ऐसे सैकड़ों किसानों ने अपनी खून पसीने की कमाई से शानदार उत्पादन की उपलब्धि हासिल की। लेकिन यह उपलब्धि उन किसानों के किस काम की नहीं है क्योंकि उन्हें उनकी उपज की उचित कीमत ही नहीं मिल रहा है।

1 रुपये किलो तक मंडी में मिल रहे किसानों को प्याज के दाम

सारंगपुर में मंडी के हालातों की बात रहे तो यह किसानों को गोल्टी प्याज के दाम 1 रुपये किलो ही मिल रहे है। यानि 1 क्विंटल प्याज के बदले में 100 रुपये मिल रहे है, जबकि सबसे अच्छी क्विालिटी का प्याज भी 5 रुपये किलो तक ही किसानों से व्यापारियों के द्वारा खरीदा जा रहा है।

लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान

उद्यानिकी विभाग के अधिकारी अजय राजपूत की माने तो एक बीघा प्याज की खेती करने में करीब 25 हजार रुपये की लागत लगती है। जबकि किसान को उत्पादन करीब 40 क्विंटल के आसपास मिलता है। इस हिसाब से अगर 5 रुपये किलो में प्याज की कीमत आंकी जाए तो किसान को अपनी उपज के महज 20 हजार रुपये मिलेंगे यानि उसे 5 हजार रुपये का घाटा इतनी मेहनत, मशक्कत और परेशानियों के बाद झेलना पड़ रहा है। वर्तमान में जो दाम किसानों को मिल रहे है उससे किसानों की लागत नहीं निकल रही है और आर्थिक रुप से किसान कंगाल नजर आ रहा है।

बंपर पैदावार, किसानों उम्मीदे फिर टूटी

क्षेत्र में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्याज की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन डिमांड की कमी के चलते दाम नीचले स्तर पर पहुंच चुके है। हालत यह है कि मंडियों में प्याज की आवक तो बंपर हो रही है लेकिन भाव के कारण किसान निराश है। 1 दो रूपए किलो प्याज बिकने से किसानों की लागत तक नहीं निकल रही है।

समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदे सरकार

भारतीय किसान यूनियन के महेंद्र सिंह तोमर कहते है कि प्याज के दाम इस बार-बार गिरते-गिरते जमीन पर आ गए है। 1 रूपए से 2 रूपए प्रतिकिलो तक दाम आने से प्याज किसान परेशानहाल है। ऐसे में किसानो को लागत तक नहीं मिल रही है। सरकार किसानों को प्याज के उचित दाम दिलाए या समर्थन मूल्य पर खरीदी करें। किसानों के साथ हमारा संगठन इस मुद्दो को लेकर किसान आंदोलन करने का मुड बना रहे है। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाना सरकार को दायित्व है।

इस वर्ष मैंने काफी मेहनत तथा खर्च करके करीब 40 क्विंटल प्याज उपजाया है, लेकिन मुझे मजबूरी में इसे कौड़ी के भाव बेचना पड़ रहा है। कोई भी व्यापारी पांच सौ रुपये क्विंटल से अधिक देने को तैयार नहीं है। इधर उपज में किये गये खर्च को कई महाजनों को लौटाना है तो मजबूरी में कम दाम पर बेचने के अलावा और कोई रास्ता भी नहीं है।

संतोष धनगर, युवा, किसान।

मैं हर साल उम्मीद लगाकर प्याज उपजाता हूं हैं, लेकिन उपज के बाद प्याज को इसी तरह से कम दाम में बेचना पड़ता है। कोल्ड स्टोरेज में भी प्याज रखना काफी महंगा पड़ता है। अगले साल से मैंने प्याज की खेती से तौबा करने का फैसला किया है। उचित दाम नहीं मिलने से मेरे जैसे सैकड़ों-हजारों किसानों की ऐसी ही पीड़ा है। सरकार को किसानों को प्याज के उचित दाम दिलाना चाहिये, ताकि किसान आर्थिक तौर पर परेशानी न झेले।

वसीम अंसारी, युवा, किसान।

सारंगपुर क्षेत्र में इस बार 750 हेक्टेयर कृषि रकबे में किसानों ने प्याज लगाई थी। जिसके बाद बहुत अच्छा उत्पादन हुआ है। ज्यादा आवक के कारण दाम नहीं बढ पा रहे है। उम्मीद है कि यदि किसान उपज को कुछ दिन स्टॉक करके रखते है तो दाम बेहतर प्राप्त कर सकते है।

अजय सिंह राजपूत, उद्यानिकी विभाग, सारंगपुर।

Posted By: Nai Dunia News Network

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