सुठालिया डैम से क्षेत्र के 140 गांवों की 48 हजार हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित

राजेश शर्मा

राजगढ़। सुठालिया में पार्वती नदी पर डैम बनाने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत डैम के काम को गति देने के लिए 1 ईई एवं 4 एसडीओ की पदस्थापना कर दी गई है। इतना ही नहीं, इसके लिए ब्यावरा में बकायदा डिवीजन कार्यालय भी खोल लिया गया है, जबकि सुठालिया में सब-डिविजन कार्यालय खोलने की तैयारी की जा रही है। डैम बनने के बाद क्षेत्र के 140 गांवों की 48 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी।

उल्लेखनीय है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान ब्यावरा के तत्कालीन विधायक नारायणसिंह पंवार की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा सुठालिया में पार्वती नदी पर डैम बनाने के लिए एलॉन किया था। घोषणा के बाद इस दिशा में किए गए लगातार प्रयासों के बाद अब डैम बनाने की दिशा में काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी के तहत डैम निर्माण के लिए टेंडर होने के बाद अब डैम को गति देने के लिए कार्यालय खोलने के साथ ही पांच लोगों की पदस्थापना भी की जा चुकी है। इतना ही नहीं इसके लिए अलग से ही एक इकाई के रूप में ब्यावरा में फिलहाल कार्यालय खोला जा चुका है, जबकि सुठालिया में सब ऑफिस खोलने की तैयारी की जा रही है। जो स्टॉफ यहां पर पदस्थ किया गया है उसमें एक ईई एवं चार एसडीओ शामिल हैं। चार एसडीओ में से दो की पदस्थापना सुठालिया में रहेगी, जबकि दो एसडीओ एवं एक ईई ब्यावरा बैठकर पूरे काम के संचालन पर नजर रखेंगे व तकनीकी खामियों को दूर करने की दिशा में काम करेंगे।

कुशलपुरा के कार्यालय में खोला ऑफिस

जानकारी के मुताबिक ब्यावरा में एसडीएम कार्यालय के समीप अस्पताल रोड पर कुशलपुरा डैम के कार्यालय में सुठालिया परियोजना का कार्यालय खोल लिया गया है, जबकि कुशलपुरा डैम के कार्यालय को यहां से हटाते हुए कृषि उपज मंडी समिति के समीप स्थिात जल संसाधन विभाग के कार्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है। कुल मिलाकर जिस कुशलपुरा सिंचाई परियोजना कार्यालय से कुशलपुरा डैम के निर्माण से लेकर वर्तमान तक की व्यवस्थाएं संचालित होती थीं, अब उसी कार्यालय से सुठालिया परियोजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।

140 गांव के लाखों किसान होंगे लाभान्वित

जानकारी के मुताबिक सुठालिया डैम बनने के साथ ही क्षेत्र के करीब 140 गांवों के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। जो प्लानिंग है उसके तहत नवगठित तहसील सुठालिया के सभी गांव, ब्यावरा एवं नरसिंहगढ़ तहसील के भी कुछ गांवों को शामिल किया जाएगा। सुठालियाा के आसपास भोपाल की ओर जुड़े हुए गांवों के अलावा गुना, विदिशा जिले के अलावा नरसिंहगढ़ एवं ब्यावरा तहसील से जुड़े हुए अधिक से अधिक गांव लाभांवित होंगे। सभी गांवों तक अंडरग्राउंड पाइप लाइनों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। खुली नहरों की बजाए पाइप लाइन की कवर्ड नहरें खेतों तक पानी पहुंचाने की दिशा में काम करेंगी। साथ ही पेयजल के लिए भी उक्त डैम से गांवों में पानी सप्लाई किया जाएगा।

48 हजार हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित

जो डैम बनकर तैयार होगा उससे करीब 48 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचित किया जाएगा। क्षेत्र के लगभग 140 गांवों की उक्त जमीन को इस डैम से सिंचित किए जाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में पठारी भाग या ऊंचाई पर जो जमीनें हैं उसे भी इस डैम के माध्यम से सिंचित किया जा सकेगा। यदि सबकुछ ठीक रहा तो क्षेत्र का एक बड़ा रकबा सिंचित हो सकेगा, जिससे किसान गर्मी के मौसम में अन्य वैकल्पिक फसलों की पैदावार भी आसानी से कर सकेंगे।

नाम-पद-पदस्थापना

जेपी ठाकुर-ईई-ब्यावरा कार्यालय

कुषाग्र शिवहरे-एसडीओ-ब्यावरा कार्यालय

वीरेंद्र शाह-एसडीओ-ब्यावरा कार्यालय

अंकुर शर्मा-एसडीओ-सुठालिया कार्यालय

वीपी शर्मा-एसडीओ-सुठालिया कार्यालय

इनका कहना है

सुठालिया में पार्वती नदी पर बनने वाले डैम के लिए मेरे सहित पांच लोगों की पदस्थापना हुई है। मैं व मेरे साथ दो एसडीओ ब्यावरा में बैठेंगे, जबकि दो एसडीओ सुठालिया में बैठेंगे। सुठलिया में भी सब डिविजनल कार्यालय खोला जाएगा, इसके लिए बिल्डिंग की तलाश की जा रही है।

जेके ठाकुर, ईई सुठालिया परियोजना

फोटो 1111 आरएजे 01 राजग़ढ। सुठालिया परियोजना के लिए खुला कार्यालय, जहां ईई व दो एसडीओ बैठेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network