राजगढ़ (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला अस्पताल में अब 200 नए बेडों के लिए ट्रामा सेंटर से सटाकर गार्डन तक नया भवन बनाया जाएगा। साथ ही कुपोषित बच्चों के लिए नया एनआरसी भवन भी बनाकर तैयार किया जाएगा। यदि सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही यह बनकर तैयार हो सकते हैं। नए 200 बेड के भवन के लिए समग्र रिपोर्ट मप्र हाउसिंग बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी। यह निर्णय गुरूवार को भोपाल से आए अस्पताल प्रशासन लोक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के संचालक अनुराग चौधरी की उपिस्थति में जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान लिया है।

उल्लेखनीय है कि कोविड के समय जिला अस्पताल में पलंग कम पड़ने के कारण पिछले दिनों 300 बेड को बढ़ाकर 500 बेड करने का प्रस्ताव प्रशासन द्वारा भेजा था। ऐसे में पिछले दिनों कैबिनेट द्वारा इसको स्वीकृत कर दिया गया है। इसके बाद स्थान देखने व अस्पताल की अन्य कमियों को दूर करने के लिए यहां पर छह सदस्यों की टीम पहुंची थी। उन्होंने स्टाफ के साथ बैठक भी ली। श्री चौधरी ने निरीक्षणके बाद ट्रामा सेंटर से लेकर गार्डनतक 200 बैड का भवन बनाने के लिए स्थल देखा। साथ ही एनआरसी भवन को देखा। कहा गया कि बच्चो के लिए यह नया भवन बनाया जाए। इसके अलावा शिशु वार्ड, नया ओपीडी, वर्न यूनिट, डायलिसिस यूनिट नई बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पूरे समय कलेक्टर हर्ष दीक्षित, सीएमएचओ डॉ. एस यदु, डीपीएम शैलेंद्र सोलंकी साथ थे।

डॉक्टरों व स्टाफ को आइकार्ड इश्यू करो

अनुराग चौधरी ने निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. एस यदु से कहा कि जितने भी डॉक्टर व अन्य स्टाफ यहां पर कार्यरत है उन सबको आईकार्ड इश्यू करो। उनसे कहो कि परिचय पत्र डालकर ही जिला अस्पताल में आए, ताकि हर आम नागरिक व मरीज उनको पहचान सके व बात कर सके। श्री चौधरी ने देखा कि पूरा स्टाफ बिना परिचय-पत्र के नजर आ रहा है। इस पर उन्होंने सीएमएचओ से कहा कि सबको परिचय-पत्र जारी करो, ओर वह हिंदी में होना चाहिए, ताकि हर आम मरीजव उनके साथ वाले पढ सके व समझ सके कि कौन क्या है। ताकि मरीजों व अटैंडरों को दिक्कत न आए।

मोबाइल पर दो जांच की रिपोर्ट, ताकि परेशानी कम हो

जिस समय श्री चौधरी अपनी टीम के साथ निरीक्षण कर रहे थे उसी समय एक युवक अपनी माताश्री की खून की जांच कराकर बाहर निकला। उसको श्री चौधरी ने रोकते हुए पूछा कि आपका मोबाइल नंबर लिया है, तो युवक ने इंकार कर दिया। इसके बाद जांचकर्ता तकनीशियन को बुलाया। उनसे पूछा कि नंबर लेते हो जांच कराने आने वाले का, तो उन्होंने भी इंकार कर दिया। ऐसे में श्री चौधरी ने कहा कि जांच कराने आने वाले के नंबर जरूर लो व जांच उनके मोबाइल पर ही सेंड करो, ताकि वह भीयहां बार-बार न आए व कोविड के खतरे से बच सके व समय भी बर्वाद न होगा।

जिन बच्चों को ब्लड की जरूरत लगती है उनके माता-पिता को बुलाकर डाटा तैयार करो

ब्लड बैंक के निरीक्षण के दौरान एक युवक ब्लड देता नजर आया तो उससे पूछा कि किसके लिएस ब्लड दे रहे हो। ऐसे में युवक ने बताया कि एक बच्चे को जरूरत थी उसके लिए दे रहा हूं। इसके बार श्री चौधरी ने साथ् मौजूद कलेक्टर हर्ष दीक्षित से कहा कि जिन बच्चों को हर माह ब्लड की जरूरत लगती है उनके माता-पिता को बुलाकर एक लिस्टतैयार करवाई जाए, ताकि जरूरत के समय उन्हें भी खून के लिए परेशान न होना पड़े व अपने पास भी डाटा रहेगा तो उनकी मदद में आसानी होगी।

युवक बोला-ब्यावरा में ब्लड बैंक खुलवा दो, डॉक्टर बोले-सारंगपुर है दूर

ब्लड बैंक के निरीक्षण के दौरान श्री चौधरी ने रक्तदान कर रहेयुवक सेबात की। युवक ने बताया कि मैं ब्यावरा का हूं व जरूरत पर यहां आकर ब्लड दे रहा हूं। युवक ने कहा कि साहब ब्यावरा में ब्लड बैंक खुलवा दो, ताकि कुछ दिक्कत दूर हो सके। श्री चौधरी ने अस्पताल प्रबंधन से पूछा कि कौन सा शहर सबसे अधिक दूर है, तो उन्हें बताया गया कि सारंगपुर सबसे अधिक दूरी पर है।

खास-खास

-ब्लैड बैंक में स्टाफ की कमी पाई गई

-ओपीडी के मुकाबले आइपीडी कम पाई गई

-जिला अस्पताल में गंदगी पाई गई

-खाली अलमारियों को देख बोले-कि इनका उपयोग करो, फिर डिमांड बताना

-अस्पताल प्रबंधन की सर्विसेस, परफोरमेंस, सिटि स्कैन, डायलिसिस मशीनों को लेकर समीक्षा थी। कुछ उपकरणों को लेकर इनकी मांग थी उन सबको लेकर समीक्षा रखी गई थी।

-श्री चौधरी बोले-कलेक्टर साहब की लीडरशिप में यह लोग काम करेंगे। कलेक्टर साहब से जो भी प्रपोजल हमें प्राप्त होगा उसको जल्द से जल्द स्वीकृत करने का प्रयास करेंगे।

-अस्पताल की दिवार पर लिखा था प्रायवेट एंबुलेंस के लिए संपर्क करें, ऐसे में श्री चौधरी ने कहा कि यह क्या है।

-श्री चौधरी ने बताया कि जिले में अभी तक 4 हजार लोगों को ही आयुष्मान योजना का लाभ मिला है, जबकि 10 लाख लोग पात्र हैं। 5 लाख लोगों के कार्ड बने हैं। 5 लाख तक का इलाज हो सकेगा।

यह अधिकारी आए थे

-अनुराग चौधरी, अस्पताल प्रशासन लोक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के संचालक

-डॉ संतोष शुक्ला, संचालक टीकाकरण

-डॉ राजीव श्रीवास्तव, उपसंचालक परिवार कल्याण एवं शिशु स्वास्थ्य पोषण

-डॉ राजश्री बजाज, उपसंचालक योजना एवं विकास

-डॉ रूबी खान, उपसंचालक लैब सर्विसेज

-राकेश गर्ग, कार्यपालन यंत्री के प्रतिनिधि आए थे

Posted By: Nai Dunia News Network

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