Rajgarh News: राजगढ़ (नवदुनिया प्रतिनिधि)। रात के समय दो बालिकाओं के बाल विवाह होने की सूचना पर पहुंची टीम ने दो नाबालिगों के बाल विवाह रूकवाए व स्वजनों को समझाने के बाद रात करीब 3 बजे वापस टीम लौट आई। इसके बाद शुक्रवार सुबह फिर टीम को सूचना मिली कि रात में जिन बालिकाओं के विवाह होने से रूकवाए गए हैं उनके विवाह टीम के लौटने के बाद हो चुके हैं। इसकी जानकारी लगने के साथ ही टीम शुक्रवार सुबह फिर बघेला गांव पहुंची और पूरे मामले की जांच की। हालांकि टीम का दावा है कि विवाह नहीं हुए।

जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात को प्रशासन व महिला बाल विकास की टीम को सूचना मिली थी कि खिलचीपुर क्षेत्र के गांव बघेला में दो सगी बहनों के बाल विवाह हो रहे हैं। सूचना पर तहसीलदार खिलचीपुर आरएल बागरी, नायब तहसीलदार विकास रघुवंशी, थाना प्रभारी रविंद्र चावरिया, पुलिस बल एवं महिला एवं बाल विकास की टीम द्वारा गांव पहुंचकर वहां जांच की तो पाया गया था कि दो सगी बहनों का बाल विवाह होने वाला है। एक की आयु करीब 12 वर्ष थी व दूसरी की 15 वर्ष। ऐसे में टीम द्वारा समझाइश व कार्रवाई की बात करते हुए दोनों के बाल विवाह होने से रूकवा दिए थे। रातभर मशक्कत के बाद बाल विवाह रुकवाया गया। इसके बाद रात करीब 3 बजे टीम वापस लौट गई थी। इसके बाद शुक्र शुक्रवार सुबह महिला बाल विकास विभाग की टीम व प्रशासन को सूचना मिली थी कि जिन बालिकाओं का रात में विवाह होने से रूकवाया था टीम के लौटने के बाद उनका विवाह हो गया। सूचना पर शुक्रवार को सुबह से ही महिला बाल विकास की टीम के रूप में सहायक संचालक चंद्रसेना भिड़े, परियोजना अधिकारी प्रतिमा साहू, पर्यवेक्षक सरोज साध, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, जीआरएस, ग्राम कोटवार आदि टीम फिर से बघेला गांव पहुंची। वहां पहुंचकर स्वजनों, ग्रामीणों से चर्चा की। चर्चा में स्वजनों ने टीम को बताया कि विवाह नहीं हुए। टीम द्वारा बताया जा रहा है कि स्वजनों से बात करने के बाद उक्त बालिकाओं से भी मिलकर उनसे बात की। टीम द्वारा बालिकाओं के माता-पिता एवं समाजजनों को समझाया गया। जिससे उनके माता-पिता सहमत हुए एवं 18 वर्ष आयु पश्चात् ही विवाह की बात मानी।

दूल्हे पक्ष की भी ली जानकारी, पंचनामे बनाए

टीम द्वारा बघेला गांव पहुंचने के अलावा जिन गांवों सेदरा व सेदरी से बारात पहुंचने वाली थी उन गांवों में भी आंगनबाड़ी की टीम को पहुंचाकर लड़कों की शादी की जानकारी प्राप्त की। उक्त क्षेत्र की आंगनबाड़ी टीम द्वारा परियोजना अधिकारियों को अवगत कराया कि लड़कों का विवाह नहीं हुआ है। संबंधितों के पंचनामे बनाए गए हैं। लड़का पक्ष्‌ को भी नाबालिगों से विवाह नहीं करने की हिदायत दी गई है।

विवाह हुए तो दोषियों पर एफआइआर होगी

टीम द्वारा बताया गया कि वैसे तो शादी हुई नहीं है। लेकिन जब तक लड़का व लडकियां बालिग न हो तब तक हमारी टीम नजर रखेगी। समय-समय पर हम जांच करेंगे। यदि शादि होना पाई गई या बाल विवाह आगे किए तो शादी शून्य घोषित की जाएगी व जो विवाह में शामिल होंगे उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

वर्जन

हमारी टीम सुबह फिर से बघेला गांव पहुंची थी। वहां पहुंचकर जानकारी ली है, जिसमें स्पष्ट हुआ है कि बालिकाओं का विवाह नहीं हुआ है। हमने दोनों बालिकाओं से भी बात की है। साथ ही हमारी एक टीम को भेजकर लडके पक्ष की भी जानकारी ली है। जिसमें उनका भी विवाह नहीं होना पाया गया है।

चंद्रसेना भिड़े, सहायक संचालक महिला बाल विकास

Posted By: Nai Dunia News Network

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