राजगढ़, नवदुनिया प्रतिनिधि। अपनी मांगों को लेकर पिछले कुछ दिनों से हड़ताल-आंदोलन कर रहे पंचायत सचिवों व रोजगार सहायकों के जिलाध्यक्षों सहित 5 पर प्रशासन ने एफआइआर दर्ज करा दी है, जबकि 25 अन्य शामिल हैं। जिन्हें कभी भी नामजद किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि वेतनवृद्धि व डीए की बड़ी हुई राशि प्रदान करने सहित अन्य विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश सहित जिलेभर में पंचायत सचिवों व रोजगार सहायकों द्वारा हड़ताल की जा रही है। 22 जुलाई से उन्होंने काम बंद करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। अलग अलग जनपद पंचायतों के सामने व अलग अलग स्थानों पर बैठकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी के तहत खिलचीपुर नाके पर जिला मुख्यालय पर यह प्रदर्शन किया जा रहा था। ऐसे में हड़ताल के चलते पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। कार्यालयों में कामकाज ठप होने से लोगों को भी परेशान होना पड़ रहा है। यह सब देखते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कर्मचारियों के अड़ियल/विरोधी रवैये को नाराजगी प्रकट की थी। ऐसे में आंदोलन पर उतारू कर्मचारी जब मानने को तैयार नही हुए तो प्रशासन की ओर से तहसीलदार राजन शर्मा की शिकायत पर पंचायत सचिव संघ के जिलाध्यक्ष महेश शर्मा, रोजगार सहायक संघ के जिलाध्यक्ष सागर गुर्जर, जगदीश गुर्जर, जितेंद्र पंवार व मोहन गुर्जर पर धारा 144 व कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर धारा 188, 269, 270 व 51 के तहत एफआइआर दर्ज की गई।

25 अन्य को कर सकते हैं चिन्हित

इस मामले में तहसीलदार की शिकायत पर 5 पर तो नामजद प्रकरण दर्ज कर लिया है, साथ ही धरने पर बैठे 20-25 अन्य को शामिल किया है। ऐसे में इन अन्य को भी नामजद किया जा सकता है।

इनका कहना है

धारा 144 व कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर सचिव व जीआरएस जिलाध्यक्षों सहित पांच पर एफआईआर दर्ज कराई है। 20-25 अन्य शामिल हैं।

-राजन शर्मा, तहसीलदार, राजगढ़

Posted By: Ravindra Soni

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