राजगढ़ (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मुख्यालय पर निकाली गई 1111 मीटर लंबी एतिहासिक चुनरी यात्रा में एक बार फिर से आस्था व श्रद्धा का सैलाब उमड़ता नजर आया। 501 कलशों के साथ निकाली गई कलश यात्रा व चुनरी यात्रा में शहर सहित जिलेभर से हजारों नागरिक शामिल हुए। राजमहल से शुरू हुई चुनरी यात्रा सिद्धपीठ जालपा माता मंदिर पर पहुंची। जहां विधिवत रूप से पूजन-अर्चना के बाद जालपा माता को चुनरी अर्पित की गई।

जिला मुख्यालय पर लगातार 12 वे वर्ष चुनरी यात्रा का आयोजन किया गया। हिंदू चेतना मंच के तत्वावधान में निकाली गई इस चुनरी यात्रा की शुरूआत राजमहल परिसर से विधिवत पूजन-अर्चना के साथ की गई। इसके पहले पारायण समिति से 501 कलशों के साथ यात्रा राजमहल पहुंची। कलश यात्रा के राजमहल पहुंचने के बाद फिर चुनरी यात्रा का शुभारंभ किया गया। यात्रा वहां से शुरू होकर मुख्य बाजार पहुंची। जहां से राजगढ़ के मैन मार्केट होते हुए ब्यावरा नाका पर पहुंची। ब्यावरा नाके से बायपास रोड होते हुए यात्रा खिलचीपुर नाका पहुंची। खिलचीपुर नाका से सीधे सिद्धपीठ जालपा माता मंदिर के लिए यात्रा रवाना हुए। करीब 8 किमी से अधिक लंबी दूरी तय करने के बाद यात्रा जालपा माता मंदिर पर पहुंची। जहां पर पदाधिकारियों द्वारा विशेष रूप से पूजन-अर्चना करने के बाद मातारानी को चुनरी अर्पित की गई। चुनरी यात्रा में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए खुद एसपी अवधेश कुमार गोस्वामी पहुंचे थे। यात्रा में मेला विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष माखनसिंह, सांसद रोडमल नागर, विधायक बापूसिंह तंवर, पूर्व विधायक रघुनंदन शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया, नपाध्यक्ष विनोद साहू, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि ओपी शर्मा, आशीष तिवारी, अंशुल तिवारी, मनोज हाड़ा, दीपेंद्रसिंह चौहान, हिंदू चेतना मंच के अध्यक्ष बृज सरावत, आनंद त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में नागरिक व जनप्रतिनिधिगण शामिल हुए। यात्रा में अलग-अलग झांकियां सजाई गई थी। उधर चुनरी यात्रा निकलने के बाद में नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा सड़कों पर मौजूद फूल आदि को साफ कर हटाया गया। साथ ही जहां कचरा, पन्निायां आदि थी उन्हें भी सफाई अभियान चलाते हुए साफ किया गया।

हादसे न हो इसके लिए जयपुर-जबलपुर हाईवे पर क्रासिंग पर रोका यातायात

चुनरी यात्रा में किसी प्रकार का खलल न हो व उसमें शामिल होने वाले भक्त पूरी तरह से सुरिक्षत रहे इसके लिए ब्यावरा नाका व खिलचीपुर नाका पर कुछ समय के लिए यातायात बंद कर दिया गया था। इसके बाद खिलचीपुर नाका से लेकर जब तक यात्रा जालपा माता मंदिर पहुंची तब तक जयपुर-जबलपुर हाईवे पर वाहनों का आवागमन को एक साइड से चालू रखककर कम संख्या में वाहन निकाले गए। ताकि किसी प्रकार की असुविधा श्रद्धालुओं को न हो।

रास्ते में बिछाया कारपेट, बच्चे भी हुए शामिल

एतिहासिक चुनरी यात्रा में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हुए। महिला-पुरूषों के साथ बड़ी संख्या में छोटे बच्चों ने भाग लिया। वह लगातार जयमाता दी के जयकारे लगाते हुए यात्रा में चल रहे थे। भक्तों के लिए हिंदू चेतना मंच द्वारा बकायदा पूरे रोड पर कारपेट बिछाए गए थे, ताकि गर्मी के दौरान सड़क पर उनके पैर न जले। पूरे मार्ग पर जगह-जगह यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए अलग-अलग सामग्री के स्टाल लगाए गए थे। नागरिकों द्वारा विभिन्ना समितियों, संगठनों के बैनर तले यात्रा में शामिल भक्तों का आत्मीय स्वागत किया गया। इस बार यात्रा में बड़ी संख्या में भक्तों ने शिरकत की।

Posted By: Nai Dunia News Network

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