राजगढ़ (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला अस्पताल के हालात सुधारने के लिए भले ही लगातार प्रयास किए जा रहे हों। तमाम अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा निरीक्षण करते हुए जरूरी निर्देश दिए जा रहे हों, लेकिन इसके बावजूद यहां के हालात में सुधार नहीं हो पा रहा है। बदइंतजामी इस कदर है कि यहां मवेशियों की घुसपैठ पर भी कोई रोक नहीं है। लगातार यहां मवेशी विचरते नजर आते हैं। न यहां पर सफाई व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है और न सुरक्षा के इंतजाम दुरुस्त हो पार हे हैं। यही कारण है कि यहां पर बेसहारा मवेशियों की घुसपैठ लगातार जारी है।

जी हां! राजगढ़ जिला अस्पताल में लगातार बेसहरा मवेशियों के घुसने का सिलसिला जारी है। इसी के तहत मंगलवार रात को मवेशी महिला वार्ड तक जा पहुंचे तो बुधवार को दिन में ट्रामा सेंटर के आसपास भटकते नजर आए। जबकि इसके करीब 10 दिन पहले ही मवेशियों द्वारा अस्पताल में प्रवेश किया था। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा तीन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की थी, एक को निलंबित व दो का एक-एक माह का वेतन काटा था व दो को कारण बताओ नोटिस थमाए थे। इस मामले को 10 दिन भी नहीं बीते थे कि एक बार फिर से अस्पताल में मवेशियों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। जिसके चलते मंगलवार रात को व बुधवार सुबह यहां पर बेसहारा मवेशियों ने प्रवेश किया। खास बात यह है कि 10 दिन पहले मवेशियों के घुसने को लेकर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, विधायक बापूसिंह तंवर द्वारा भी मौका मुआयना करते हुए सुधार करने के निर्देश दिए थे। लेकिन उनके निरीक्षण व निर्देश भी काम नहीं आ सके और 10 दिन बाद फिर से अस्पताल के वही हालात देखने को मिले हैं।

बार-बार निरीक्षण, निर्देशों के बावजूद सुधार नहीं

जिला अस्पताल की खामियों को लेकर लगातार राजगढ़ विधायक बापूसिंह तंवर व कलेक्टर हर्ष दीक्षित यहां निरीक्षण कर चुके हैं। यहां के हालातों में सुधार हो सके। साफ-सफाई ठीक रहे । मरीजों को समुचित उपचार मिले, सुरक्षा के इंतजाम ठीक रहे। बेसहारा मवेशी प्रवेश न करें इसको लेकर कई बार मौका मुआयना करते हुए जरूरी निर्देश भी दिए, लेकिन इसके बावजूद यहां के हालातों में सुधार होने का नाम नहीं। यहां पर चंद दिन व्यवथा बहाल की जाती है तो फिर कुछ दिन बाद वह की वही स्थति नजर आने लगती है। इसको लेकर अब तक कोई ठोस व बड़ी कार्रवाई जिम्मेदारों के ऊपर नहीं की जा सकी है।

सुरक्षा एजेंसी की जिम्मेदारी, फिर भी नहीं किया टर्मिनेट

सुरक्षा एजेंसी को अपने गार्ड रखकर यहां के सुरक्षा इंतजामों को देखना है। जिस एजेंसी के हवाले यह जिम्मेदारी है उसकी खामी के चलते आएदिन जिला अस्पताल में मवेशियों के घुसने की घटनाएं सामने आ रही है। साथ ही निर्माण कार्य चलने के कारण खुला क्षेत्र आने से मवेशी आसानी से वहां पहुंच जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा गाडोढंको भवन के अंदर मवेशियों के प्रवेश पर रोक लगाने की जिम्मेदारी है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। उधर इतना सबकुछ होने के बावजूद भी अभी तक सुरक्षा एजेंसी को टर्मिनेट नहीं किया जा सका।

सुरक्षा एजेंसी पर पिछली बार 50 हजार का जुर्माना लगाया था। हमारे द्वारा एजेंसी को टर्मिनेट करने को लेकर प्रक्रिया शुरू की है। वहां भर्ती मरीजों व अटेंडरों को भीइसमें सहयोग करना चाहिए।

डा. राजेंद्र कटारिया, सिविल सर्जन राजगढ़

Posted By: Nai Dunia News Network

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