पचोर (नवदुनिया न्यूज)। नगर के बस स्टैंड स्थित माध्यमिक विद्यालय और उसी प्रांगण में संचालित हो रहे प्राथमिक विद्यालय के हालात 1975-1980 के दौर की यादें ताजा कर रहे हैं। एक ओर जहां प्राथमिक विद्यालय के छात्र छात्राएं धूल सें सने कक्ष में बैठकर अपने भविष्य को गड़ रहे है तो इसी विद्यालय के कुछ बधो बाहर पेड़ के नीचे बैठकर विकासशील भारत के सपने को अपने सामने जमींदोज होता हुआ देख रहे है। विदित है कि उक्त प्राथमिक विद्यालय पहले पुराने तहसील भवन की बिल्डिंग में संचालित था। जोकि डिस्मेंटल होने के बाद उक्त माध्यमिक विद्यालय में संचालित हो रहा है।

प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक राजेंद्र मेवाडा, मनीष शर्मा ने बताया कि हमें जिस परिस्थिति में जिस जगह विद्यालय संचालन के लिए जगह आवंटित की गई। हम उसी में जैसे तैसे बधाों को पढा रहे हैं। विद्यालय में फर्श के नाम पर सिर्फ टाट पट्टी बिछी हुई थी और टाट पट्टी के आसपास इतनी धूल है कि लगभग चार चार इंची धूल जमी हुई है। विद्यालय का फर्श किसी ग्रामीण पगडंडी का अहसास दे रहा है। वहीं पूरे माध्यमिक विद्यालय के पिछवाडे और आगे खरपतवार का जंगल खडा हुआ है जहां की करोडों की तादात में मच्छर पनप रहे हैं। कहने को तो प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में स्वच्छता और जनसेवा का पखवाड़ा चल रहा है। लेकिन उक्त विद्यालय के जिम्मेदारों को एहसास भी नहीं है कि यहां के छात्र-छात्राएं किस नारकीय वातावरण में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।

इस बाबत माध्यमिक विद्यालय के संकुल प्राचार्य आर एस विजयवर्गीय से बात करने पर बताया कि मैं प्राथमिक विद्यालय का नहीं बल्कि माध्यमिक विद्यालय का संकुल प्राचार्य हूं तथा वहां की खरपतवार हटवाने के लिए मैं हेड मास्टर से बात करता हूं। वही बीआरसी सुरेश विरमाल को समस्या बताने पर उनका कहना था कि एक दो प्राथमिक समस्या में अपने स्तर पर जल्दी ही हल करने का प्रयास करता हूं तथा अन्य के लिए जवाबदार से बात करता हूं। बीईओ सूर्यवंशी से बात करने पर उन्होंने बताया कि मैं जल्दी ही नीचे के लोगों से जानकारी लेकर ऊपर अधिकारियों को अवगत कराता हूं। वही खरपतवार के जंगल के बारे में जब प्रधानाध्यापक गोयल से बात की गई तो उनका कहना था कि अभी बजट नहीं है, बजट आवंटित होते ही खरपतवार हटवा दी जाएगी। अब यहां मूल बात यह है कि खरपतवार हटवाने में कोई 20-25 हजार का खर्चा नहीं मात्र हजार डेढ हजार के मजदूर लगना है जो कि किसी भी स्तर पर संभव हो सकता है। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक मेवाडा और मनीष शर्मा का कहना है कि हमने समस्याओं का आवेदन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दे दिया है हम चाहते हैं कि जल्द ही इन समस्याओं का हल हो।

Posted By: Nai Dunia News Network

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