सारंगपुर(नवदुनिया न्यूज)। आगामी 1 फरवरी को केंद्र सरकार आम बजट पेश करेगी। इसमें रेल बजट भी शामिल रहेगा। पिछले वर्ष भी बजट सारंगपुर स्टेशन और क्षेत्रवासियों को कुछ नहीं मिला था। लेकिन इस वर्ष आने वाले रेल बजट से पहले सारंगपुर क्षेत्र की आम जनता को इस वर्ष काफी उम्मीदें बंधी हुई है। क्योंकि एनडीए की सरकार को लगभग साढ़े 7 वर्ष हो चुके है लेकिन अभी तक रेल परिवहन के क्षेत्र में जनता से जुड़े मुद्दो एवं सुविधा से जिम्मेदार मुहं फेरे हुए है जिससे खामियाजा असुविधा को लेकर उठाना पडता है। सारंगपुर क्षेत्र की करीब डेढ़ लाख आबादी के लिए शहर में मौजूद एक मात्र रेलवे स्टेशन भी समस्या और त्रासदी से परेशान है इसको लेकर लोगों को आज पेश होने वाले बचट से उम्मीदे है।

सारंगपुर स्टेशन से लॉकडाडन से पहले 13 ट्रेने गुजरती है लेकिन रोजाना सिर्फ तीन ट्रेनों का स्टापेज होता था। लेकिन लॉकडाउन के बाद तो हालात और बिगड़ गए और सिर्फ बीना-नागदा के अलावा और कोई ट्रेन यहां नहीं ठहरती है। जबकि प्रतिदिन रुकने वाली ट्रेनों में साबरमती एक्सप्रेस, कोटा-इंदौर ट्रेनों का स्टापेज यह से समाप्त कर दिया है। सारंगपुर स्टेशन से सैकडो यात्री सफर करते है, इसलिए ट्रेनों का स्टापेज बहुत जरुरी है। सभी क्षेत्र में विकास संभव हो सकता है।

चंदरसिंह परमार, पूर्व सरपंच, बाबडल्या।

स्टेशन पर आलम यह है कि सुविधा के लिए लगाए गए समान केवल शोपिस बन कर रह गए है, लगाए गए नलों में पानी नहीं आता है और छोटे टीन शेड़ तो है लेकिन कुर्सीयों के अभाव में यात्री वह थोड़ी देर बैठ भी तो भला कैसे?। बजट में इन सब मुद्दो को ध्यान में रखकर सुविधाएं बढाना चाहिए। बड़ा शेड़ भी स्टेशन पर लगना जरूरी है।

घनश्याम मालवीय, युवा समाजसेवी, सारंगपुर।

करीब साढ़े 6 वर्ष पहले अप्रैल 2016 में उज्जैन महाकुंभ सिंहस्थ को लेकर सारंगपुर रेलवे स्टेशन पर थोड़ी बहुत सुविधाएं करने की कोशिश रेल विभाग की गई थी वह भी अधुरी है, स्टेशन पर मुख्य टिनशेड का अभाव है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियो की अनदेखी से रेलवे स्टेशन पर कोई सुविधा नहीं बढाई गई लोग परेशान होते है। मुख्य शेड के अभाव में यात्री गर्मी और बारिश में परेशान होते है। सरकार को बजट में ट्रेक दोहरीकरण और सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए।

रोशन खत्री, युवा समाजसेवी।

यूपीए सरकार में पूर्व मुख्य दिग्विजयसिंह के प्रयासो से सांरगपुर को कोटा इंदौर एवं जबलपुर इंदौर ट्रेनों की सुविधा दी थी, जो की एनडीए सरकार ने नई ट्रेने देने के स्थान पर जबलपुर इंदौर, कोटा-इंदौर, और साबरमती एक्सप्रेस ट्रेने भी छीन ली और नागरिक अब परेशान है। सुविधा बढाने पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों एवं सरकार का ध्यान नहीं है। उम्मीद है कि सरकार बेफिजुल के मुद्दो को छोड कर जनहित के मुददों पर ध्यान देकर रेल सुविधा क्षेत्र में बढाए।

मोहम्मद अली, ब्लॉक अध्यक्ष, कांग्रेस, सारंगपुर।

स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों के स्तर पर ही कार्य हो सकता है। हम हमारे स्तर से स्टेशन पर कोई सुविधा बढ़वा नहीं सकते है।

राजेश गर्गे, स्टेशन मास्टर, रेलवे स्टेशन, सारंगपुर।

Posted By: Nai Dunia News Network

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