कायाकल्प के तहत दो सदस्यीय टीम ने किया जिला अस्पताल का निरीक्षण

राजगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा अस्पतालों की स्थिति को जानने के लिए चलाए गए कायाकल्प अभियान के तहत शनिवार को दो सदस्यों की टीम जिला अस्पताल पहुंची थी। जहां उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण करने के बाद स्वच्छता एवं सुरक्षा को लेकर दिक्कत बताई लेकिन स्टॉफ से वह संतुष्ट नजर आए, जबकि हकीकत यह है कि जिला अस्पताल में 209 पद रिक्त चल रहे हैं।

प्रदेश सरकार ने अस्पतालों के हालातों को जानने के लिए कायाकल्प अभियान चलाया है। जिसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने एवं मरीजों को ठीक प्रकार से उपचार प्राप्त हो रहा है कि नहीं। अस्पताल में सफाई, सुरक्षा, स्टॉफ एवं मशीनरी की क्या स्थिति यह देखा जाना है। इसके लिए सीहोर जिले से दो डॉक्टरों डॉ प्रवीण गुप्ता एवं डॉ. देवेंद्र आर्य की टीम यहां पर पहुंची थी। अस्पताल का निरीक्षण एवं व्यवस्थाओं को देखने के बाद टीक के सदस्य डॉ. प्रवीण गुप्ता ने बताया कि अस्पताल काफी बड़े परिसर में फैला हुआ है। इसलिए निश्चित रूप से सफाई के मैनेजमेंट में दिक्कत आती होगी। बऋडे परिसर में अलग-अलग स्थानों पर भवन होने के कारण सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी ठीक नहीं है। साथ ही भवनों के दूर होने को मरीजों के लिए भी नुकसानदायक बताया। उन्होंने कहा कि दूर-दूर बिल्डिंगे होने से मरीजों को दिक्कतें आती होगी। लेकिन स्टॉफ को लेकर वह संतुष्ट नजर आए। जब उनसे पूछा गया कि स्टॉफ की क्या स्थिति है तो डॉ. बोले की स्टॉफ तो है...। जितना मापदंण्ड है उसके हिसाब से है स्टॉफ है। जब उनसे पूछा गया कि आप स्टॉप पर्याप्त बता रहे हो, जबकि जिला अस्पताल में 448 स्वीकृत पदों में से 209 पद रिक्त हैं। क्या यह पर्याप्त है। इसको लेकर कायाकल्प टीम ने कहा कि यह सब स्टेट गवर्मेंट के लैबल का कामला है। हेल्थ कमिश्नरी, पीएस के लेबल का मामल है। हमार उददेश्य केवल यह है कि जो है वह सही ढंग से काम कर रहे हैं कि नहीं। जो स्टॉफ है वह ठीक करना चाहिए। काम कर भी रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने ओपीडी का रिकार्ड देखा एवं डिलेवरी को लेकर भी अमले से चर्चा की।

पुरानी तकनीक की मशीनरी को बताया ठीक है

जिला अस्पताल पहुंची कायाकल्प की टीम जिला अस्पताल में लगी पुरानी तकनीक की मशीनरी से भी पूरी तरह से संतुष्ट नजर आई। उन्होंने मशीनरी को लेकर कहा कि मशीनरी भी जो है वह ठीक है, साथ में मौजूद डॉक्टर आरएस परिहार की और मुखातिब होते हुए कहा कि इन लोगों ने रिपोर्टिंग की है। यह मांग कर रहे हैं। जबकि जिला अस्पताल में जो मशीनरी है वह एक्सरे मशीन हो, सोनोग्राफी हो या फिर डायलिसिस मशीन सभी पुरानी तकनीक की लगी हुई है।

टीम बोली-गाय, कुत्ते घूमते हैं, डॉ-परिहार बोले भगाते हैं तो मालिक-गौसेवक लड़ने आ जाते हैं

निरीक्षण् के दौरान टीक के सदस्यों ने मौके पर मौजूद गाय-कुत्तों को देखकर कहा कि खुले कैम्पस में अस्पताल है, इसलिए यहां पर हर समय गाय एवं कुत्ते आ जाते होंगे। उन्हें भगना पड़ता होगा। इसको लेकर साथ में मौजूद जिला अस्पताल के डॉक्टर आरएस परिहार ने कहा कि हां आते तो हैं, हम भी क्या करें। भगाते हैं और उनको सुरक्षागार्ड डंउे मार देते हैं तो उनके मालिक और गौ सेवक आ जाते हैं। लंडने लगते हैं कि आपने मारा क्यों। उनकी यह बात सुनकर टीक के डॉक्टर भी मुस्कुराए और आगे बढ़ गए।

स्टॉफ का सचः 448 में से 209 पद हैं खाली

कायाकल्प की टीम को भले ही स्टॉफ पर्याप्त नजर आया हो, लेकिन स्टॉफ का सच यह है कि राजगढ़ जिला अस्पताल में 448 में से 209 पद रिक्त हैं। स्थिति यह है कि यहां पर डॉक्टर, स्टॉफ नर्स, एएनएम, ड्रैसर, वार्डबॉय सहित कुल 448 पद हैं, जिसमें से केवल 239 पद ही भरे हुए हैं, जबकि 209 पद रिक्त हैं। जो पद खाली हैं उनमें प्रथम श्रेणी विशेषज्ञ के 40 पद हैं जिनमें से केवल 3 पद भरे हैं, जबकि 37 पद खाली हैं। द्वितीय श्रेणी के 37 में से 14 पद भरे हैं एवं 9 पद रिक्त हैं। स्टॉफ नर्स के 138 में से 25 पद खाली चल रहे हैं। मेल स्टॉफ नर्स के 14 पद हैं, जिसमें से सभी 14 पद खाली हैं। कमपाउंडर के 11 में से 5 पद रिक्त हैं। एएनएम के 19 में से 10 पद भरे हैं, 09 रिक्त हैं। आया के 14 में से 12 पद रिक्त हैं। वार्डबॉय के 13 में से 09 पद खाली हैं। अन्य पदों को मिलाकर 209 पद रिक्त हैं।

मशीनरी भी नहीं है चालू

मशीनरी की भी स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में जो मशीनरी है वह भी ठीक नहीं है। यहां पर एक्सरे मशीन चालू है, लेकिन पुरानी तकनीक की होने के चलते मरीजों को बाजार में ही एक्सरे कराना होता है। जिसमें उन्हें मोटी रकम भी चुकाना पड़ रही है। यहां पर सोनोग्राफी भी पुरानी तकनीक की सीबीसी लगी हुई है, जबकि नई तकनीक की एन्लॉइज्ड खुली मशनी की जरूरी है। इसके अलावा डॉयलिसिस की दो मशीनें हैं, जिसमें से एक बंद हैं। जिससे डॉयलिसिस के मरीज भी परेशान होते हैं।

फोटो 1711 आरएजे 03 राजगढ़। टीक को देखकर सफाई करते हुए सफाईकर्मी, टीम के सदस्य डॉ. प्रवीण गुप्ता बोले पूरी तरह से करो सफाई।

फोटो 1711 आरएजे 04 राजगढ़। डिलेवरी की जानकारी प्राप्त करते हुए डॉ. देवेंद्र आर्य।

फोटो 1711 आरएजे 05 राजगढ़। अस्पतल में घूमकर देखा अस्पताल का हाल।

Posted By: Nai Dunia News Network