Coronavirus Ratlam News: रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना महामारी में करीब 16 माह बाद बुधवार को राहत की सबसे बड़ी खबर मिली। अगस्त के पांच दिनों में एक भी नया मरीज नहीं मिला और एकमात्र एक्टिव मरीज को भी बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके साथ ही जिले में कोरोना मरीजों की संख्या 0 हो गई। अप्रैल 2020 से अगस्त 2021 के बीच 16 माह में पहली व दूसरी लहर में संक्रमण की तेज रफ्तार, मौतों के बाद प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग सहित आमजन को जिले के संक्रमण मुक्त होने का इंतजार था। अब अगले 28 दिनों तक एक भी नया पाजिटिव केस सामने नहीं आने पर जिला पूरी तरह कोरोना मुक्त हो जाएगा। इसके लिए कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही बचाव के सभी उपायों पर ध्यान देने की जरूरत है।

अप्रैल-मई 2021 में लगा था मौतों का शतक

वर्ष 2021 के अप्रैल और मई माह जिलेवासियों के लिए बेहद खतरनाक रहे। इन दोनों माह में प्रतिदिन मिलने वाले नए संक्रमितों की संख्या 400 के करीब आ गई थी। अप्रैल में 5283 संक्रमित मिले व102 लोगों की मौत हुई थी जबकि मई में 6490 नए संक्रमित मिले और 111 लोगों की मौत हुई थी। तब सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं मिल रहे थे। उपचार के अभाव में मरीज सड़कों और अस्पताल परिसर में दम तोड़ रहे थे।

अप्रैल 2020 में दी कोरोना ने दस्तक

उल्लेखनीय है कि शहर में कोरोना का पहला मरीज 11 अप्रैल 2020 को मिला था। इसके पहले चार अप्रैल 2020 को इंदौर में रतलाम के हाट रोड निवासी एक 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक का शव रतलाम लाकर जनाजा निकालते हुए शव दफनाया गया था। बाद में मृतक के कोरोना पाजिटिव होने की बात सामने आई तो लौहार रोड क्षेत्र में करीब तीन किमी हिस्से को कंटेनमेंट क्षेत्र बनाया गया था। टाटानगर निवासी 45 वर्षीय महिला की 27 मई 2020 को हुई मौत, जिले में कोरोना संक्रमण से पहली मौत थी।

कोरोना संक्रमण पर नजर

पहला मरीज- 11 अप्रैल 2020

पहली मौत-27 मई 2020

0 एक्टिव मरीज- 5 अगस्त 2021

कुल संक्रमित - 17500

स्वस्थ हुए - 17189

कुल मौत - 311

महामारी शुरू होने से लेकर संक्रमण मुक्ति तक तीन कलेक्टरों का कामकाज

रुचिका चौहानः पहली लहर में अगस्त 2020 तक जिले की कमान संभाली। तब तक कुल 1054 मरीज मिले थे और 19 मौत हुई थी। अप्रैल में पहला मरीज मिलने के बाद बड़े-बड़े कंटेनमेंट बनवाए। पूरे जिले का लगातार दौरा किया। सामाजिक संस्थाओं से समन्वय बनाकर पूरे लाकडाउन में जरूरी सामग्री लोगों तक पहुंचाने के इंतजाम किए। महाराष्ट्र व गुजरात से प्रवासी मजदूरों को वापस लाने की मुहिम में रतलाम को एंट्री गेट बनाया गया था। जून 2020 में लगातार करीब 100 ट्रेनों से आए करीब 6000 मजदूरों को रतलाम आने के बाद भोजन, सैनिटाइजर सहित अन्य सामग्री देकर बसों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा गया।

गोपालचंद्र डाड- अगस्त 2020 से 07 मई 2021 तक पदस्थापना के समय सर्वाधिक 9863 मरीज मिले और 175 की मौत हुई। दूसरी लहर में इलाज के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने, मेडिकल कालेज में दबाव बढ़ने और सड़क पर मरीजों की मौत से सवाल खड़े हुए। जिले में विकासखंड स्तर पर भी उपचार की सुविधाएं अधूरी रह गई। संक्रमण बढ़ने के बाद तैयारी शुरू की गई, लेकिन तब तक हालात बिगड़ गए थे। सीएम शिवराजसिंह चौहान ने वीसी में हालातों की समीक्षा की और सात मई को तबादले के आदेश जारी कर दिए।

कुमार पुरुषोत्तम- 09 मई 2021 को पदभार संभालने के बाद पहली बैठक में ही साफ कर दिया कि संक्रमण के डर से शासकीय अमला घर नहीं बैठेगा, बल्कि पूरी सावधानी व मनोबल के साथ मैदान में उपस्थिति रहेगी। मई माह में संक्रमण दर 36 से 40 प्रतिशत व प्रतिदिन मौत का आंकड़ा भी 06 तक पहुंच गया था। लगातार स्क्रीनिंग और योजनाबद्ध काम से करीब तीन महीने बाद जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 0 पर पहुंच गई।

ऐसे संक्रमण से मुक्त हुआ जिला

ट्रेक-ट्रेस और टेस्टिंग

मई माह में मेडिकल कालेज में आने वाले अधिकांश मरीज गंभीर हालात में पहुंच रहे थे। ऐसे में ट्रेक, ट्रेस और टेस्टिंग की योजना बनाई गई। मरीजों की हिस्ट्री से पता लगाया कि गांवों, कस्बों में वे कहां किस झोलाछाप से इलाज लेते रहे, जिससे समय पर ठीक से उपचार नहीं हो पाया। ऐसे लोगों को चिह्रित कर वहां सख्ती कर झोलाछाप के उपचार बंद कराए गए। सघन सर्वे कर ज्यादा टेस्टिंग कराई गई।

सीटी स्कैन कराने वालों की जानकारी ली

कई पाजिटिव मरीजों ने टेस्टिंग नहीं कराई और सीटी स्कैन कराकर निजी अस्पतालों में उपचार लेना शुरू कर दिया था। निजी लैब से सीटी स्कैन कराने वालों का डाटा लेकर संबंधितों की मानीटरिंग की गई। संक्रमित व्यक्ति के स्वजनों को घर में ही आइसोलेट करने पर जोर देते हुए घर पर ही टेस्टिंग की व्यवस्था कराई गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में 300 बेड बढ़ाए

मेडिकल कालेज पर दबाव कम करने व गांव में ही संक्रमित को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के लिए जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों पर 300 बेड बढ़ाए गए। किल कोरोना के सर्वे में हर घर पर दल पहुंचा और गुणवत्ता वाली दवाएं दी गई। ज्यादा संक्रमण पर 270 से ज्यादा कंटेनमेंट क्षेत्र बनाए गए। करीब 6500 लोगों को आइसोलेट किया गया।

अप्रैल 2020 से अब तक की स्थिति पर नजर

माह पाजिटिव मिले मौत

अप्रैल 14 00

मई 23 01

जून 221 05

जुलाई 241 03

अगस्त 555 10

सितंबर 898 20

अक्टूबर 427 19

नवंबर 1017 12

दिसंबर 786 08

जनवरी 258 02

फरवरी 96 02

मार्च 1098 10

अप्रैल 5283 102

मई 6490 111

जून 181 06

जुलाई 18 00

इनका कहना है

जिला पूर्णतः कोरोना मुक्त रहे, इसके लिए अब वैक्सीनेशन पर ध्यान देने की जरूरत है। रतलाम शहर में 85 प्रतिशत वैक्सीनेशन हो चुका है। जिले में भी लगातार वैक्सीनेशन किया जा रहा है। अभी कोरोना समाप्त नहीं हुआ है। 36 हजार लोगों ने दूसरा डोज नहीं लगवाया है। संक्रमण से बचने के लिए दोनों डोज जरुरी है।

-कुमार पुरुषोत्तम, कलेक्टर

Posted By: Nai Dunia News Network

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