Madhya Pradesh News: रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिनशासन रत्न बंधु बेलड़ी आचार्य जिनचंद्रसागर सूरीश्वर आदि ठाणा का रतलाम में रविवार को मंगल प्रवेश हुआ। प्रवेश सामैया (चल समारोह) में भक्ति गीतों पर श्रद्धालुओं ने झूमतेनाचते हुए घरघर संयम पताका फहराने का उद्घोष किया। रथनुमा बग्घी में सवार तीनों दीक्षार्थियों 14 वर्षीय जुड़वां बहनें पलक और तनिष्का चाणोदिय व साढ़े नौ साल के ईशान कोठारी ने सांसारिक वस्तुओं को लुटाते हुए वर्षीदान किया। नूतन दीक्षित बाल मुनि श्रीचंद्रसागर भी आचार्यश्री के साथ प्रथम बार रतलाम आगमन हुआ। इसके साथ ही पांच दिवसीय दीक्षा महोत्सव शुरू हो गया।

सुबह आचार्यश्री बंधु बेलड़ी आदि श्रमणश्रमणी वृंद के रतलाम प्रवेश अवसर पर टाटा नगर स्थित दीक्षार्थी जुड़वां बहनों के आवास से चल समारोह प्रारंभ हुआ। पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया सहित गणमान्यजन ने आचार्यश्री से आशीर्वाद लिया। नासिक और बड़नगर के ढोल की गूंज के बीच तीनों दीक्षार्थीा बग्घी में सवार होकर वर्षीदान कर रहे थे। मार्ग में समाजजन ने अपने अपने घरों के बाहर आचार्यश्री के समक्ष मंगल गहुली करते हुए मंगल स्वागत गीत गाए। दीक्षा 26 मई को जेएमडी पैलेस सागोद रोड में होगी।

नौवीं तक पढ़ी हैं जुड़वां बहनें

टाटानगर निवासी संतोषशोभा चाणोदिया की पुत्री पलक व तनिष्का ने नौवीं तक पढ़ाई की है। चाणोदिया दंपती की चार पुत्रियां और एक पुत्र हैं। इनमें से बड़ी पुत्री दीपाली वर्ष 2014 में बंधुबेलड़ी आचार्यद्वय से दीक्षा लेकर संयम पथ पर अग्रसर हो चुकी हैं। अब 31 मार्च 2007 महावीर जन्म कल्याणक के दिन जन्मी जुड़वां बहनें पलक व तनिष्का दीक्षा ग्रहण कर जिनशासन का मान बढ़ाएंगी। परिवार में बहन के अलावा कई अन्य स्वजन भी दीक्षा ग्रहण कर चुके हैं।

दूसरी कक्षा तक ईशान ने की है पढ़ाई

इसी प्रकार मोहन टाकीज निवासी विशालपायल कोठारी के साढ़े नौ वर्षीय पुत्र ईशान ने कक्षा दूसरी तक पढ़ाई की है। 2019 में ईशान ने साबरमती के हेमचंद्राचार्य गुरुकुलम में प्रवेश लिया। पिता मेडिकल स्टोर पर कार्यरत है। ईशान की बचपन से ही धर्मआराधना में रुचि रही और धीरेधीरे वैराग्य भाव जागृत हो गए।

यह है कार्यक्रम

23 मई को सुबह आठ बजे व्याख्यान, नौ बजे नवकारसी होगी। 24 मई को सुबह नौ बजे सैलाना वालों की हवेली (मोहन टाकीज) में बालमुनि वंदनावली, समूह सामायिक का आयोजन होगा। 25 मई को सुबह 8:30 बजे शास्त्रीनगर से मुमुक्षुओं की वर्षीदान यात्रा निकलेगी। दोपहर 12:39 बजे श्री सिद्धचक्र महापूजन विधिकारक अरविंद चौरड़िया इंदौर द्वारा कराई जाएगी। शाम चार बजे अंतिम वनोला निकलेगा। रात आठ बजे संसार पथ से वीर पथ की ओर कार्यक्रम होगा। 26 मई को सुबह छह बजे दीक्षा विधान प्रारंभ होगा। तीनों बाल मुमुक्षु सांसारिक जीवन त्याग कर साधु जीवन अंगीकार करेंगे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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