रतलाम। गुणवत्तापूर्ण बिजली वितरण और समय पर राजस्व संग्रहण के साथ ही उपभोक्ता संतुष्टि का स्तर बढ़ाना मप्र ऊर्जा विभाग की प्राथमिकताएं हैं। इन पर कर्मचारी, अधिकारी ध्यान दें। इस मामले में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने शुक्रवार शाम बैठक में ये निर्देश दिए। रतलाम, मंदसौर, नीमच, उज्जैन संभाग के 15 जिलों के बिजली अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम कार्य ऐसा करे कि उपभोक्ता को शिकायत का मौका ही न मिले। जो शिकायतें आए उनका समय पर समाधान हो। इससे ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनी की छवि पर सकारात्मक असर होगा। उन्होंने कहा कि मीटर रीडरों का कार्यों पर संबंधित ग्रुप प्रभारी, जेई, एई ध्यान रखें। इससे बिलिंग व्यवस्था में और सुधार आएगा। उपभोक्ताओं को बिल राशि व भुगतान तारीख के संबंध में कोई शिकायत करने का मौका ही नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी मुख्यालय से सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा गय़ा है, ताकि डीबीटी तैयारी तेज की जा सके। इससे किसानों को सिंचाई रकम आगे जाकर डीबीटी से प्राप्त होने लगेगी। प्रबंध निदेशक ने रतलाम अधीक्षण यंत्री सुरेश वर्मा से चर्चा की और रतलाम शहर आदि में गत तीन माह में किए प्रयासों, उपलब्धियों पर प्रसन्नाता जताई। उज्जैन शहर में विभागीय पैमानों की स्थिति में सुधार के लिए निर्देशित भी किया गया। बैठक में मुख्य महाप्रबंधक रिंकेश कुमार वैश्य, निदेशक मनोज झंवर, कार्यापालक निदेशक संजय मोहासे, गजरा मेहता, मुख्य अभियंता कैलाश शिवा, बीएल चौहान, रतलाम अधीक्षण यंत्री सुरेशचंद्र वर्मा, कार्यपालन यंत्री शहर विनय प्रताप सिंह, ग्रामीण कार्यपालन यंत्री जयपाल ठाकुर आदि वीसी के माध्यम से जुड़े।

Posted By: Nai Dunia News Network

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