रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पूर्व महापौर व भाजपा नेता शैलेंद्र डागा के साथ उनकी फर्म डागा एंड कंपनी को सीमेंट बेचने का कार्य देने के नाम पर 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपित (श्री कृष्णन सीमेंट एवं इस्पात प्राइवेट लि. के मालिक) हरीश कृष्णन पुत्र गोपाल कृष्णन निवासी भोपाल की अग्रिम जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी। पुलिस के अनुसार हरीश कृष्णन व उसका साथी कंपनी का मार्केटिंग हेड अकाउंटेंट विकास डांगरे निवासी भोपाल फरार चल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि आरोपितों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरवरी 2021 में पूर्व महापौर डागा से मुलाकात कर श्री कृष्णन सीमेन्ट एवं इस्पात प्रायवेट लि. की सीमेंट बेचने के संबंध में चर्चा कर उन्हें रतलाम सहित अन्य जिलों में सीमेंट बेचने का कार्य दिया था। डागा ने चेक के माध्यम से 45 लाख रुपये कंपनी में जमा कराए थे। धोखाधड़ी का पता चलने पर उन्होंने 3 सितंबर को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कंपनी के कार्पोरेट हेड मैनेजर आरोपित रमेशकुमार राव निवासी पारस विहार कालोनी अवधपुरी भोपाल व इसके भाई (मार्केटिंग हेड) सुरेशकुमार राव, सेल्स मार्केटिंग मैनेजर ईश्वर राठौर निवासी स्थानीय रत्नपुरी व सेल्स डिक्ट्रीब्यूटर हरदेश द्विवेदी निवासी शास्त्रीनगर, कंपनी मालिक हरीश कृष्णन व मार्केटिंग हेड एकाउंटटेंट विकास डांगरे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।

अब तक चार आरोपित गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपित रमेशकुमार राव, सुरेश राव, ईश्वर राठौर व हरदेश द्विवेदी को 5 सितंबर को गिरफ्तार कर 6 सितंबर को न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय ने चारों को 10 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए थे। रिमांड अवधि खत्म होने पर हरदेश की रिमांड अवधि 15 सितंबर तक बढ़ाई गई थी। शेष तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया था। हरदेश की रिमांड अवधि खत्म होने पर उसे भी जेल भेज दिया गया। इधर हरीश कृष्णन की तरफ से अग्रिम जमानत के लिए याचिका प्रस्तुत की गई थी। लोक अभियोजन अधिकारी विमल छिपानी ने अग्रिम जमानत पर आपत्ति ली। सुनवाई के बाद गुरुवार को प्रधान व जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेशकुमार गुप्ता ने याचिका निरस्त करने का फैसला सुनाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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