रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भारत पार्सल सर्विस राजकोट के पार्सल (पैकेट) से 39 लाख रुपये से अधिक के जेवर निकालकर अमानत में खयानत करने के मामले में मुख्य आरोपित (कोरियर बाय) मनीष उर्फ धर्मेंद्र निगम निवासी प्रतापनगर से पुलिस ने उसका लोडिंग आटो जब्त किया है। पुलिस अब तक 16 लाख 37 हजार रुपये के जेवर व दो लाख नौ हजार रुपये जब्त कर चुकी है। शनिवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर उसे पुनः न्यायालय में पेश कर अवधि बढ़ाने की मांग की। न्यायालय ने रिमांड अवधि 25 अक्टूबर तक बढ़ाई है।

उल्लेखनीय है कि भारत पार्सल सर्विस राजकोट (गुजरात) ने अपनी रतलाम ब्रांच के चांदनीचौक स्थित कार्यालय पर जावरा रोड अंडर ब्रिज के पास स्थित उजाला ट्रेवर्ल्स एवं लगेज पार्सल संस्था के माध्यम से गोल्ड ज्वेलरी के तीन पार्सल भेजे थे। आटो चालक (कोरियर बाय) मनीष ने तीनों पार्सल ब्रांच कर्मचारी रवि राठौड़ निवासी कुंजड़ों का वास को ले जाकर दिए थे। रवि ने आफिस ले जाकर पार्सल खोले तो जेवर के पांच पैकेट कम निकले थे, जिनमें 39 लाख रुपये से ज्यादा के जेवर थे। रवि ने दो अक्टूबर को स्टेशन रोड थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि मनीष की बहन मोनिका पत्नी जगदीश माली निवासी अर्जुन नगर जेवर बेचने का काम कर रहा है। मोनिका को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से कुछ जेवर व 59 हजार 500 रुपये जब्त किए गए थे। इसके बाद 17 अक्टूबर को मनीष व उसकी पत्नी निशा को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये व करीब पौने चार लाख रुपये के जेवर बरामद किए गए थे। उनके रतलाम स्थित मकान से भी कुछ जेवर जब्त किए गए। इस प्रकार अब तक 16 लाख से ज्यादा के जेवर बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार मनीष ने कुछ जेवर इंदौर में किसी व्यक्ति को बेचना बताया है। दल उसे इंदौर ले गया है, वहां खरीदार की तलाश की जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local