आलोट (नईदुनिया न्यूज)। विकासखंड के छह आयुर्वेदिक औषधालय कई वर्षों से चिकित्सक विहीन होकर कहीं वार्ड बाय तो कहीं कंपाउंडर या महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के भरोसे चल रहे हैं। कुछ बंद पड़े हैं। शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी हकीकत इसके काफी विपरीत है। अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बेहाल है। ग्राम रीछा में तो करीब 20 वर्षों से चिकित्सक ही नहीं है। इसी प्रकार ग्राम तालोद, कसारी, सेमलिया, खजूरी देवड़ा, माधवपुर में कई वर्षों से चिकित्सक के पद रिक्त पड़े हैं। जबकि क्षेत्र में आठ से अधिक बीएमएस चिकित्सक है, लेकिन शासन की ओर से कोई संविदा नियुक्ति नहीं निकल पा रही है। बीएमएस चिकित्सक दिनेश राठौर का कहना है कि शासन स्तर पर भर्ती प्रक्रिया होना चाहिए।

खंडहर होते जा रहे भवन

ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बने आयुष चिकित्सालय के भवन भी अब खंडहर होते जा रहे हैं। समीपस्थ ग्राम रीछा में वर्ष 1981 में चिकित्सालय भवन का उदघाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा किया गया था। आज यह भवन रखरखाव के अभाव में खंडहर होता जा रहा है। ग्राम कसारी में तो आयुर्वेदिक अस्पताल भवन में शराब की खाली बोतलें भी पड़ी है। रीछा के पूर्व प्रधान विक्रमसिंह डोडिया ने बताया कि शासन ने वर्षों पूर्व ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए आयुष चिकित्सालय खोले थे, लेकिन यहां कई वर्षों से चिकित्सक नहीं होने के कारण ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। भवन भी अब खंडहर होता जा रहा है। अशोक परमार ने बताया कि 20 वर्षों से अधिक समय से आयुर्वेदिक औषधालय में चिकित्सक नहीं है। इसके कारण यहां और आसपास क्षेत्रों के लोगों को सही उपचार नहीं मिल पाता है। तालोद के थानसिंह परिहार का कहना है कि ग्राम में करीब 11 वर्षों से चिकित्सक नहीं है। इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही हैं। सरकार ग्रामीण स्वास्थ सुविधाओं पर ध्यान नहीं दे रही है। कसारी के कमल डांगी ने बताया कि ग्राम में गत चार-पांच वर्षों से आयुर्वेदिक चिकित्सालय बंद पड़ा है। अस्पताल भवन परिसर में शराब की खाली बोतलें पड़ी है। बिल्डिंग भी जर्जर हो गई है और उसके पास पुराना भवन भी पूर्ण रूप से जर्जर हो गया।

शासन को मांग पत्र भेजा है

आलोट विकासखंड में छह आयुर्वेदिक आयुष औषधालय में चिकित्सक नहीं है। शासन को मांग पत्र भेजा है। ग्राम कसारी में एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पदस्थ है। उसकी ड्यूटी अभी वर्तमान में आलोट कोविड-19 में लगा रखी। इसके कारण वह बंद है। बजट तो शासन स्तर से आता है। ग्राम कसारी व सेमलिया आयुर्वेदिक चिकित्सालय को हेल्थ वैलनेस में लिया गया है।

- डा. प्रमिला चौहान, जिला आयुष अधिकारी, रतलाम

Posted By: Nai Dunia News Network

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